फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ITBP personnel coaching classes for rural children in Naxal affected areas of Chhattisgarh

आईटीबीपी की कोचिंग क्लास: नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नई पौध को पढ़ा रहे जवान, 'एकलव्य व नवोदय' स्कूलों में प्रवेश की करा रहे तैयारी

Sat, 07 May 2022 02:13 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sat, 07 May 2022 02:13 PM IST
सार

मुंजमेटा, फरसागांव, झारा और धौडाई गांवों के लगभग दो सौ बच्चे इस कोचिंग क्लास में आ रहे हैं। आसपास के ग्रामीणों ने नक्सलियों की धमकी की परवाह न करते हुए अपने बच्चों को आईटीबीपी सेंटर पर भेजना शुरु कर दिया है।

विज्ञापन
ITBP personnel coaching classes for rural children in Naxal affected areas of Chhattisgarh
आईटीबीपी की ओर से संचालित कोचिंग में पढ़ते बच्चे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ का कोंडागांव जिला, जहां वामपंथ उग्रवाद की घटना आम बात है। घने जंगलों में नक्सलियों के हमलों के बीच आईटीबीपी जवानों ने आदिवासी बच्चों की कोचिंग क्लास शुरु की है। मुंजमेटा, फरसागांव, झारा और धौडाई गांवों के लगभग दो सौ बच्चे इस कोचिंग क्लास में आ रहे हैं। इन बच्चों को हिमवीरों द्वारा 'एकलव्य/नवोदय' स्कूलों में होने वाली प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। खास बात ये है कि आसपास के ग्रामीणों ने नक्सलियों की धमकी की परवाह न करते हुए अपने बच्चों को आईटीबीपी सेंटर पर भेजना शुरु कर दिया है।

विज्ञापन


आईटीबीपी जवान न केवल इन बच्चों को पढ़ा रहे हैं, बल्कि विकास के पथ पर अग्रसर होने के लिए ग्रामीणों की काउंसलिंग भी कर रहे हैं। निशुल्क कोचिंग से प्रेरित होकर अब दूसरे गांवों के लोग भी अपने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए आईटीबीपी केंद्र से संपर्क कर रहे हैं।
विज्ञापन


सुरक्षा बलों से संपर्क न रखने की देते हैं धमकी 
बता दें कि कोंडागांव का इलाका वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित रहा है। यहां पर नक्सलियों ने ग्रामीणों को डरा रखा था। उन्हें कहा जाता था कि वे सुरक्षा बलों से संपर्क न रखें। उनसे बातचीत तक न करें। अपने बच्चों को उनके साथ खेलने न दें। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), जिसके पास भारत चीन सीमा की सुरक्षा का जिम्मा है, अब इसके जवानों ने छत्तीसगढ़ में स्कूली छात्रों के लिए कोचिंग की शुरुआत की है। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के सुदूर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा में जवान अपना अहम योगदान दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


स्टेशनरी और खाने-पीने की चीजें भी कराते हैं मुहैया
आईटीबीपी की 29वीं बटालियन के जवान कोंडागांव के दूरदराज के इलाकों में मुंजमेटा, फरसागांव, झारा और धौडाई गांवों में कई जगहों पर करीब 200 छात्रों के लिए कोचिंग कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। पर्वतीय प्रशिक्षित बल,आईटीबीपी के जवान छात्रों को एकलव्य और नवोदय स्कूलों में प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने की तैयारियों में मदद कर रहे हैं। शुरुआत में आदिवासी अपने बच्चों को यहां भेजने से झिझक रहे थे, लेकिन जब उन्हें आईटीबीपी जवानों का उनके बच्चों के प्रति स्नेह एवं पढ़ाने का जज्बा देखा तो अनेक दूसरे गांवों के लोग भी अपने बच्चों को आईटीबीपी सेंटर पर भेजने लगे। आईटीबीपी जवान इन बच्चों को स्टेशनरी का सामान भी प्रदान करते हैं। कई बार इन्हें खाने पीने की वस्तुएं भी दी जाती हैं।



2009 में हुई थी तैनाती
इस राज्य में वामपंथ उग्रवाद से लड़ने के लिए आईटीबीपी को 2009 में तैनात किया गया है। इस बल ने पिछले वर्षों में कई सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित किए हैं। आईटीबीपी ने छत्तीसगढ़ में करीब एक दशक के दौरान तीरंदाजी, हॉकी, जूडो और एथलेटिक्स में सैकड़ों स्थानीय छात्रों को प्रशिक्षित किया है। खास बात ये है कि आईटीबीपी से प्रशिक्षित प्राप्त आदिवासी बच्चों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों में अपना लोहा मनवाया है। हॉकी की राज्य एवं राष्ट्रीय टीम के लिए आईटीबीपी ने कई खिलाड़ियों को तैयार किया है। आदिवासी बच्चे अब आईटीबीपी जवानों के साथ इतने ज्यादा घुलमिल गए हैं कि वे उनसे अपनी स्थानीय भाषा में बातचीत करते हैं। खेल खेल में इन बच्चों ने आईटीबीपी जवानों को अपनी भाषा भी सिखाई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed