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आयुष्मान भारत योजना के बारे में इन बातों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है

Sun, 23 Sep 2018 09:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 23 Sep 2018 09:00 AM IST
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It is very important for you to know these things about ayushman bharat scheme
ayushman bharat yojana
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज झारखंड के रांची से सरकार की प्रमुख आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) लांच करेंगे। इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दी जाएगी। 
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सरकार के 5 लाख कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर के बारे में आपके लिए यह जानना बहुत ही जरूरी है- 

- आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों के रूप में 10.74 करोड़ परिवार हैं। 

- इस योजना के तहत, प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा, चाहे वो परिवार कितना भी बड़ा हो, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। 

- इस योजना के तहत लेनदेन पूरी तरह कैशलेस होगा। 

- इस बीमा योजना में इलाज को कवर करने के लिए कुल 1,350 पैकेज हैं, जिसमें कैंसर सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, हृदय संबंधी सर्जरी, न्यूरो (मस्तिष्क) सर्जरी, रीढ़ की सर्जरी, दंत सर्जरी, आंखों की सर्जरी और एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे विशेष परीक्षण शामिल हैं। 
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- ओडिशा, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, केरल और कर्नाटक को छोड़कर अधिकांश राज्यों में यह योजना लागू होगी। 

- आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाओं का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। यह योजना पूरी तरह पेपरलेस, कैशलेस और आईटी आधारित होगी। 
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- इस योजना को देश में चिकित्सा उपचार की बढ़ती लागत की पृष्ठभूमि के खिलाफ लांच किया जा रहा है, क्योंकि पिछले दशक में रोगियों के अस्पताल में होने वाले व्यय में 300 फीसदी की वृद्धि हुई है। 

- 2015 के राष्ट्रीय सैंपल सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) के आंकड़े के मुताबिक, मरीजों को उनके इलाज के लिए 80 फीसदी अपनी जेब से खर्च करते हैं। 

- ग्रामीण परिवारों में से 60 फीसदी मुख्य रूप से अपनी घरेलू आय या उपचार के लिए अपने बचत पर निर्भर रहते हैं, जबकि 25 फीसदी परिवार उधार लेकर अपनों का इलाज कराते हैं। 


- 2015 के राष्ट्रीय सैंपल सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) के मुताबिक, स्वास्थ्य पर होने वाले अत्यधिक खर्च के कारण करीब 6 मिलियन परिवार गरीबी के शिकार हो गए। 
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