फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   It is too early to say monkeypox more dangerous than Covid: WHO Expert

Monkeypox: 'कोविड से अधिक खतरनाक कहना जल्दबाजी'; विशेषज्ञ ने बताया- ऐसे गंभीर हो सकती है मंकीपॉक्स की चुनौती

Sun, 18 Aug 2024 06:08 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Sun, 18 Aug 2024 06:08 PM IST
विज्ञापन
सार
Monkeypox: डॉ. अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि अभी यह कहना कि मंकी पॉक्स कोविड से ज्यादा खतरनाक है या नहीं यह थोड़ा जल्दी होगा। लेकिन, जिस तरीके से इसके मामले अफ्रीका में सामने आए हैं और इस बार उसका बदला हुआ रूप सामने आ रहा है वह खतरनाक बताया गया है।
loader
It is too early to say monkeypox more dangerous than Covid: WHO Expert
मंकीपॉक्स - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकी पॉक्स को लेकर हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है। इस हेल्थ अलर्ट के बाद दुनिया भर के सभी देशों में इस बीमारी से बचाव को लेकर तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। क्योंकि मंकीपॉक्स पहले भी दुनिया के कुछ देशों समेत भारत में भी देखा जा चुका है। इसलिए यह बीमारी नई तो नहीं है। लेकिन इसकी गंभीरता जरूर इस बार ज्यादा है। हालांकि यह कोविड से ज्यादा खतरनाक है या नहीं। यह तो यह तो अगले कुछ महीनो के बाद पता चलेगा। अपने देश में अभी इस बीमारी के निदान पर सबसे ज्यादा फोकस करने की आवश्यकता है। यह कहना है विश्व स्वास्थ्य संगठन के टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप के चेयरमैन डॉ अनुराग अग्रवाल का। डॉक्टर अग्रवाल ने अमर उजाला डॉट कॉम के आशीष तिवारी से मंकी बॉक्स के बचाव समेत उसकी गंभीरता पर बात की।



डॉ. अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि अभी यह कहना कि मंकी पॉक्स कोविड से ज्यादा खतरनाक है या नहीं यह थोड़ा जल्दी होगा। लेकिन, जिस तरीके से इसके मामले अफ्रीका में सामने आए हैं और इस बार उसका बदला हुआ रूप सामने आ रहा है वह खतरनाक बताया गया है। डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि यह बात सच है कि अफ्रीका में मिल रहे मंकीपॉक्स के मामलों की तीव्रता के साथ केसेज बढ़ते हैं तो यह बेहद गंभीर भी हो सकता है। हालांकि अभी दुनिया भर के सभी देश उन अफ्रीकन कंट्रीज के संपर्क में है जहां पर इसके सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। डॉ अग्रवाल कहते हैं कि अगले कुछ महीनो के दौरान मंकी पॉक्स की गंभीरता स्पष्ट रूप से सामने आ जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत दुनिया भर के सभी देश और स्वास्थ्य एजेंसियां न सिर्फ इस मामले पर नजर बनाए हैं बल्कि आपस में कोऑर्डिनेशन के साथ हर पल की अपडेट भी साझा कर रहे हैं।


डॉ. अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि अपने देश में भी मंकी पॉक्स को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी प्रमुख स्वास्थ्य एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि उनका कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी किए गए अलर्ट के बाद सबसे ज्यादा आवश्यकता बीमारी के निदान और सर्विलांस की हो जाती है। उनका कहना है कि अपने देश में इससे पहले 2022 में भी मंकी बॉक्स के मामले सामने आए थे। इसलिए देश में नेशनल वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट समेत कई अन्य स्वास्थ्य एजेंसी निश्चित तौर पर इस बीमारी के निदान और सर्विलांस का पूरा खाका तैयार कर चुकी है। वह कहते है कि जब पूरी दुनिया में यह बीमारी तेजी से फैल रही है तो अपने देश में इसके डायग्नोस्टिक की उपलब्धता और सर्विलांस के बाद उसकी पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए। ऐसी दशाओं में इस बीमारी से बचाव और बीमारी को फैलने से रोकने में बेहद मदद मिलेगी।



डॉ. अनुराग कहते हैं कि अभी तक की जानकारी के मुताबिक मंकी पॉक्स का यह ट्रेड गंभीर तो बना हुआ है। लेकिन पिछले मंकी पॉक्स ट्रेड की तुलना में यह उतना तेजी से बढ़ नहीं रहा है। यही वजह है कि पूरी दुनिया में अभी भी इस बीमारी के मामले बहुत तेजी से ज्यादा सामने नहीं आए हैं। हालांकि दुनिया में विश्व स्वास्थ्य संगठन और सभी देश इस पर नजर रख रहे हैं। वह कहते हैं कि अगर यह तेजी के साथ बढ़ना शुरू हुआ तो निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में विश्व स्वास्थ्य संगठन की जारी की गई हेल्थ एमरजेंसी साबित हो सकता है। डॉ अग्रवाल कहते हैं कि जब तक इस बीमारी की डायग्नोस्टिक नहीं पता होगी तब तक इस बीमारी की गंभीरता का आकलन करना भी बहुत मुश्किल है। इसलिए अभी यह ज्यादा आवश्यक है कि अपने देश में भी और दुनिया भर के सभी देशों में इस बीमारी के डायग्नोस्टिक हो। ताकि इसकी गंभीरता से पहले इसको रोका जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed