Kerala: केरल में फलस्तीन समर्थक रैली में हमास नेता की मौजूदगी पर बवाल, भाजपा बोली- यह राष्ट्र-विरोधी गतिविधि
Kerala: केरल में फलस्तीन समर्थक रैली में हमास नेता खालिद मशाल की मौजूदगी पर भाजपा ने चिंता जताई है। पार्टी के नेता दुष्यंत गौतम ने शनिवार को इसे राष्ट्र विरोधी गतिविधि बताया और राज्य की माकपा नीत सरकार से ऐसी किसी भी गतिविधि को रोकने को कहा।
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केरल में फलस्तीन समर्थक रैली में हमास नेता खालिद मशाल की मौजूदगी पर भाजपा ने चिंता जताई है। पार्टी के नेता दुष्यंत गौतम ने शनिवार को इसे 'राष्ट्र विरोधी गतिविधि' बताया और राज्य की माकपा नीत सरकार से ऐसी किसी भी गतिविधि को रोकने को कहा।
भाजपा नेता ने शुक्रवार को मलप्पुरम में आयोजित कार्यक्रम में हमास नेता खालिद मशाल की डिजिटल भागीदारी को लेकर भी भारतीय ब्लॉक पर निशाना साधा। कहा कि विपक्षी गठबंधन के सदस्य सनातन धर्म और हिंदू धर्म को नीचा दिखाने के लिए इस तरह के प्रयास कर रहे हैं।
गौतम ने कहा, देश और भारत सरकार किसी भी आतंकवादी संगठन का विरोध करती है। हम हमास का विरोध करते हैं। बैठक में हमास नेता का शामिल होना राष्ट्र विरोधी गतिविधि है। राज्य सरकार को इसे रोकना चाहिए। इंडिया गठबंधन के लोग सनातन धर्म और हिंदू धर्म को नीचा दिखाने के लिए लगातार इस तरह के प्रयास कर रहे हैं।
हमास नेता ने केरल में जमात-इस्लामी की युवा शाखा सॉलिडैरिटी यूथ मूवमेंट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। हमास के पूर्व प्रमुख मशाल ने सभा को अरबी भाषा में डिजिटली संबोधित किया।
केरल भाजपा प्रमुख के. सुरेंद्र ने कहा, इस तरह के आयोजन अस्वीकार्य हैं और उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, मलप्पुरम में एकजुटता कार्यक्रम में हमास नेता खालिद मशाल का डिजिटल संबोधन चिंताजनक है। (मुख्यमंत्री) पिनरई विजयन की पुलिस कहां है? फलस्तीन बचाओ की आड़ में वे एक आतंकवादी संगठन हमास और उसके नेताओं को योद्धाओं के रूप में महिमा मंडित कर रहे हैं। यह अस्वीकार्य है! केंद्रीय गृहमंत्रालय।
इस्राइल-हमास युद्ध शनिवार को 22वें दिन में प्रवेश कर गया है। भारत ने सात अक्तूबर को इस्राइल पर हुए भयावह आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की थी और कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के सभी स्वरूपों का मुकाबला करने के लिए साथ खड़ा होना चाहिए और इसमें कोई समानता नहीं सकती।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस महीने की शुरुआत में एख मीडिया ब्रीफिंग की थी, जिसमें उन्होंने कहा था, फलस्तीन एक मुद्दा था और उस हमने द्विराष्ट्र समाधान स्थापित करने के लिए सीधी बातचीत के पक्ष में अपनी स्थिति दोहराई है। हमने नागरिकों के हताहत होने और मानवीय स्थिति के बारे में भी अपनी चिंता व्यक्त की है। हम अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सख्ती से पालन करन का आग्रह करते हैं।