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कमलनाथ के भांजे पर शिकंजा, आयकर विभाग ने जब्त किए 254 करोड़ के बेनामी शेयर
Tue, 30 Jul 2019 10:52 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 30 Jul 2019 10:52 AM IST
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रतुल पुरी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी की मुश्किलें कम होती हुई नहीं दिख रही है। आयकर विभाग के अधिकारी ने बताया कि रतुल पुरी के नाम रखे 254 करोड़ रुपये के बेनामी शेयर जब्त किए गए हैं।
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सूत्रों का कहना है कि आयकर विभाग की दिल्ली बेनामी निषेध इकाई ने रतुल पुरी कंपनी समूह से संबंधित नॉन क्यूमुलेटिव कंपलसरी कनवर्टिबल प्रिफेंरेस शेयर्स (सीसीपीएस)/ इक्विटी शेयर्स को अस्थाई रूप से अटैच कर लिया है। ऑप्टिमा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सीसीपीएस को एफडीआई निवेश के रूप में प्राप्त किया गया था।
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Sources:Delhi Benami Prohibition Unit of I-T Dept has provisionally attached Non-Cumulative Compulsory Convertible Preference Shares (CCPS)/Equity Shares amounting to Rs 254 Cr related to Ratul Puri Group of companies.CCPS was received as FDI investment by Optima Infra Pvt Ltd pic.twitter.com/MGMABMKdko
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 30, 2019
सूत्रों का कहना है कि रतुल पुरी ने एचईपीसीएल नामक कंपनी के नाम पर सौर पैनल आयात करने के लिए अधिक चालान बनाए और उसके जरिए 254 करोड़ रुपये कमाए। यह कंपनी दुबई स्थित एक ऑपरेटर की शेल कंपनी है। यह ऑपरेटर अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर घोटाले में आरोपी है।
इससे एक दिन पहले दिल्ली की अदालत ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में रतुल पुरी को मिले गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण को सोमवार को एक दिन के लिए बढ़ा दिया था। हिंदुस्तान पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष पुरी 27 जुलाई को अदालत पहुंचे थे और मामले में अग्रिम जमानत मांगी थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें मामले में गिरफ्तार किए जाने का डर है।
अदालत ने शनिवार को उन्हें 29 जुलाई तक के लिए अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। उन्होंने जिरह के दौरान विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार से कहा था कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी की कोई जरूरत नहीं है। पुरी हाल में मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश हुए थे जो कि अगस्ता वेस्टलैंड के साथ अब रद्द हो चुके 3600 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर सौदे से संबंधित है।