विवादित इस्लामिक धर्मोपदेशक जाकिर नाइक को लेकर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया सामने आई है। मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जाकिर नाइक के वांछित (वांटेड) होने का मुद्दा कतर के सामने उठाया गया है।दरअसल, कतर 2022 के फीफा विश्व कप की मेजबानी कर रहा है। टूर्नामेंट के आगाज पर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी, भड़काऊ भाषण और आतंक से जुड़ी गतिविधियों का आरोपी जाकिर नाइक कतर पहुंचा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, कतर ने भारत को बताया है कि जाकिर नाइक को फीफा विश्व कप-2022 में भाग लेने के लिए कोई निमंत्रण नहीं दिया गया था।
गलत सोशल मीडिया पोस्ट पर न करें भरोसा
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पीएम मोदी- जो बाइडन
- फोटो : एएनआई (फाइल फोटो)
पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के आरोपों का सामना कर रहे सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सुल्तान को मिली छूट का बचाव करते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किए जाने पर भारत ने नाराजगी जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मामले में अमेरिकी अधिकारी द्वारा मोदी का जिक्र किए जाने के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, "सच कहूं, तो मैं यह समझने में विफल हूं कि प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी (अमेरिकी अधिकारी को) कैसे प्रासंगिक या आवश्यक लगी।"
बागची ने भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हमारे दोनों देशों के बीच बहुत ही विशेष संबंध हैं जो और मजबूत हो रहे हैं तथा हम इसे और गहरा करने के लिए अमेरिका के साथ काम करने की आशा करते हैं।’’
विदेश मंत्रालय ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में विभिन्न अवसरों पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मिले। इनमें एक संक्षिप्त द्विपक्षीय और एक त्रिपक्षीय बैठक शामिल थीं। सभी से अपील है कि पीएम मोदी राष्ट्रपति बाइडन की मुलाकात को लेकर गलत सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें।
आठ भारतीय नौसैनिक अधिकारियों की कैद पर क्या कहा
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भारतीय कैदी
- फोटो : सोशल मीडिया (सांकेतिक)
प्रवक्ता ने कहा, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की कतर यात्रा अल्पकालिक थी। उनके पास बैठकों के लिए समय नहीं था। अगस्त से दोहा में कैद आठ भारतीय नौसैनिक अधिकारियों का मामला आगे बढ़ा है, लेकिन उपराष्ट्रपति ने कतर की हालिया यात्रा के दौरान इस मामले को नहीं उठाया।
म्यांमार में जॉब रैकेट के 200 पीड़ितों को बचाया
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म्यांमार जॉब रैकेट से रेस्क्यू किए गए भारतीय नागरिक
- फोटो : एएनआई (फाइल फोटो)
पड़ोसी म्यांमार में फेक जॉब रैकेट के पीड़ितों को लेकर विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने कहा, हमने दो सौ से ज्यादा लोगों को बचाया है, जिनमें से 153 लोगों को पहले ही भारत वापस लाया जा चुका है। शेष 50 लोग प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया में हैं।