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Gaganyaan Mission: अगले साल होगा गगनयान का दूसरा उड़ान परीक्षण, कई पड़ाव पार करने के बाद भेज सकेंगे इंसान
Sun, 22 Oct 2023 05:43 AM IST
गुलाम अहमद
एजेंसी, श्री हरिकोटा
एजेंसी, श्री हरिकोटा
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sun, 22 Oct 2023 05:43 AM IST
सार
टीवी-डी1 मिशन के निदेशक एस शिवाकुमार ने कहा कि ऐसा परीक्षण पहले कभी नहीं हुआ। यह तीन परीक्षणों का संगम था। इन्हें साथ अंजाम दिया गया। हमने परीक्षण उड़ान, क्रू एस्केप प्रणाली और क्रू मॉड्यूल को परखा। तीनों ने पहले ही प्रयास में एकदम सही प्रदर्शन किया।
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गगनयान मिशन
- फोटो : AMAR UJALA
विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) गगनयान मिशन के दौरान किसी भी परिस्थति में अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित धरती पर उतारने की सबसे बड़ी चुनौती से निपटने में सफल रहा। इस मिशन के लिए शनिवार को किया गया परीक्षण सफल होने से वैज्ञानिकों में उत्साह है।
सफल उड़ान परीक्षण के बाद इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने बताया कि क्रू मॉड्यूल को समुद्र से पूरी तरह से बरामद कर लिया गया है। कोई गलती नहीं हुई है। सभी डाटा सही लग रहे हैं। उन्होंने कहा, गगनयान मिशन के लिए तीन और प्रमुख परीक्षण मिशन डी2, डी3, डी4 को अंजाम दिया जाएगा। इसके अलावा मिशन को लेकर करीब 20 परीक्षण और किए जाएंगे। इन्हें एक के बाद एक किया जाना है। यह कवायद अंतरिक्ष में जाने वाले यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए की जाएगी। सबकुछ सही पाए जाने पर ही मानव सहित गगनयान मिशन भेजा जाएगा। सोमनाथ ने कहा कि अगले साल की शुरुआत में दूसरा परीक्षण वाहन उड़ान आयोजित किया जाएगा।
इसरो के गगनयान मिशन के निदेशक और क्रू मॉड्यूल को आकार देने वाले कार्यकारी अधिकारी आर हटन ने कहा कि इस परीक्षण ने साबित किया कि हमारे लिए अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। क्रू मॉड्यूल को वैसे ही सुरक्षित रखा जाएगा, जैसे एक पक्षी खतरा होने पर अपने बच्चे को सुरक्षित जगह ले जाता है। गगनयान एक मजबूत विश्वसनीय मिशन है, लेकिन कोई खतरा नहीं उठाया जा सकता। अगर हमारी प्रणाली में कोई गड़बड़ी हुई, तो हमारे पास ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जो अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित धरती पर लौटा लाए।
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टीवी-डी1 मिशन के निदेशक एस शिवाकुमार ने कहा कि ऐसा परीक्षण पहले कभी नहीं हुआ। यह तीन परीक्षणों का संगम था। इन्हें साथ अंजाम दिया गया। हमने परीक्षण उड़ान, क्रू एस्केप प्रणाली और क्रू मॉड्यूल को परखा। तीनों ने पहले ही प्रयास में एकदम सही प्रदर्शन किया।
विदेशी मीडिया ने कहा- अंतरिक्ष में इंसान भेजने की राह खुली
अंतरिक्ष पर लिखने वाली अमेरिका व यूके की वेबसाइट स्पेस डॉट कॉम ने कहा, भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम ऊंचा उड़ रहा है। अगस्त में चंद्रयान 3, सूर्य के अध्ययन लिए आदित्य एल1 और अब महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष यात्रा मिशन के लिए परीक्षण सफल रहा। भारत ने साल 2035 तक पृथ्वी की परिक्रमा करता हुआ अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की घोषणा की है। बीबीसी ने लिखा, भारत ने सफल मिशन से मानवसहित मिशन भेजने की राह खोल दी है। मिशन का नाम गगनयान संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है-अंतरिक्ष का वाहन। अमेरिकी अंतरिक्ष विज्ञान समाचार एजेंसी एनएसएफ के संपादक क्रिस बर्गिन ने वीडियो व डाटा पेश करते हुए लिखा-टेस्ट कैप्सूल का परीक्षण अबॉर्ट करने के बाद इसे लॉन्च कर दिया गया।
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सफल उड़ान परीक्षण के बाद इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने बताया कि क्रू मॉड्यूल को समुद्र से पूरी तरह से बरामद कर लिया गया है। कोई गलती नहीं हुई है। सभी डाटा सही लग रहे हैं। उन्होंने कहा, गगनयान मिशन के लिए तीन और प्रमुख परीक्षण मिशन डी2, डी3, डी4 को अंजाम दिया जाएगा। इसके अलावा मिशन को लेकर करीब 20 परीक्षण और किए जाएंगे। इन्हें एक के बाद एक किया जाना है। यह कवायद अंतरिक्ष में जाने वाले यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए की जाएगी। सबकुछ सही पाए जाने पर ही मानव सहित गगनयान मिशन भेजा जाएगा। सोमनाथ ने कहा कि अगले साल की शुरुआत में दूसरा परीक्षण वाहन उड़ान आयोजित किया जाएगा।
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इसरो के गगनयान मिशन के निदेशक और क्रू मॉड्यूल को आकार देने वाले कार्यकारी अधिकारी आर हटन ने कहा कि इस परीक्षण ने साबित किया कि हमारे लिए अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। क्रू मॉड्यूल को वैसे ही सुरक्षित रखा जाएगा, जैसे एक पक्षी खतरा होने पर अपने बच्चे को सुरक्षित जगह ले जाता है। गगनयान एक मजबूत विश्वसनीय मिशन है, लेकिन कोई खतरा नहीं उठाया जा सकता। अगर हमारी प्रणाली में कोई गड़बड़ी हुई, तो हमारे पास ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जो अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित धरती पर लौटा लाए।
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टीवी-डी1 मिशन के निदेशक एस शिवाकुमार ने कहा कि ऐसा परीक्षण पहले कभी नहीं हुआ। यह तीन परीक्षणों का संगम था। इन्हें साथ अंजाम दिया गया। हमने परीक्षण उड़ान, क्रू एस्केप प्रणाली और क्रू मॉड्यूल को परखा। तीनों ने पहले ही प्रयास में एकदम सही प्रदर्शन किया।
विदेशी मीडिया ने कहा- अंतरिक्ष में इंसान भेजने की राह खुली
अंतरिक्ष पर लिखने वाली अमेरिका व यूके की वेबसाइट स्पेस डॉट कॉम ने कहा, भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम ऊंचा उड़ रहा है। अगस्त में चंद्रयान 3, सूर्य के अध्ययन लिए आदित्य एल1 और अब महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष यात्रा मिशन के लिए परीक्षण सफल रहा। भारत ने साल 2035 तक पृथ्वी की परिक्रमा करता हुआ अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की घोषणा की है। बीबीसी ने लिखा, भारत ने सफल मिशन से मानवसहित मिशन भेजने की राह खोल दी है। मिशन का नाम गगनयान संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है-अंतरिक्ष का वाहन। अमेरिकी अंतरिक्ष विज्ञान समाचार एजेंसी एनएसएफ के संपादक क्रिस बर्गिन ने वीडियो व डाटा पेश करते हुए लिखा-टेस्ट कैप्सूल का परीक्षण अबॉर्ट करने के बाद इसे लॉन्च कर दिया गया।