फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   isro study says north korean nuclear test in 2017 equal to 17 hiroshimas

हिरोशिमा पर गिराए बम से 17 गुना ज्यादा घातक था उत्तर कोरिया का परमाणु परीक्षण : इसरो 

Fri, 15 Nov 2019 07:10 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित कुमार Updated Fri, 15 Nov 2019 07:10 PM IST
विज्ञापन
isro study says north korean nuclear test in 2017 equal to 17 hiroshimas
परमाणु बम विस्फोट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

उत्तर कोरिया अपने मिसाइल व परमाणु परीक्षणों को लेकर एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार उत्तर कोरिया के खतरे को लेकर दावा अमेरिका, दक्षिण कोरिया या जापान ने नहीं बल्कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के वैज्ञानिकों ने किया है। 

विज्ञापन


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों के अनुसार 2017 में प्योंगयांग ने जो परमाणु परीक्षण किया था, वह इतना ज्यादा ताकतवर था कि उससे जमीन भी कुछ मीटर तक खिसक गई थी। यही नहीं इस शोध में यह भी पाया गया कि यह बम 1945 में जापान के शहर हिरोशिमा पर गिराए गए बम से 17 गुना ज्यादा शक्तिशाली था। हिरोशिमा पर गिराए गए बम की क्षमता 15 किलोटन थी जबकि इसकी क्षमता 245 से 271 किलोटन थी। 
विज्ञापन


गुजरात के अहमदाबाद स्थित अंतरिक्ष उपयोग केंद्र में इसरो के वैज्ञानिक केएम श्रीजीत के नेतृत्व में शोध किया गया। इस शोध में 2003 में उत्तर कोरिया के परमाणु संधि से अलग होने के बाद की गतिविधियो का आकलन किया गया। उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन ने पांच बार जमीन के भीतर परीक्षण किया और 3 सितंबर 2017 को संभवत: हाइड्रोजन बम तैयार कर लिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सेटेलाइट डाटा का इस्तेमाल : 

'जर्नल जियोफिजिकल जर्नल इंटरनेशनल' में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार पारंपरिक तौर पर भूकंप की निगरानी वाले मापक यंत्रों से ही परमाणु परीक्षणों की पहचान की जाती है। हालांकि उत्तर कोरिया से भूकंपीय डाटा उपलब्ध नहीं होने की वजह से इसरो की टीम ने सेटेलाइट डाटा से जानकारी जुटानी शुरू की। टीम ने जापानी उपग्रह एएलओएस-2 के आंकड़ों और इनएसएआर तकनीक का इस्तेमाल किया। 

पहाड़ की चोटी तक हिल गई 

इसरो की टीम को जो आंकड़े मिले, उससे पता चला कि धमाका इतना ज्यादा शक्तिशाली था कि उससे पहाड़ की चोटी का स्थान तक भी हिल गया। धमाके की वजह से वहां 66 मीटर अर्धव्यास का गड्ढा बन गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed