Chandrayaan-3: चांद को कुछ ऐसे निहार रहा अपना चंद्रयान, इसरो ने जारी किया वीडियो, आप भी देखें
इसरो ने शुक्रवार को चंद्रयान से ली गई चांद की वीडियो भी जारी की है। इसरो ने ट्वीट कर बताया कि चंद्रयान-3 के लैंडर इमेजर (एलआई) कैमरा-1 से 17 अगस्त 2023 को लैंडर मॉड्यूल के प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होने के ठीक बाद चांद की तस्वीरें ली गईं।
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विस्तार
भारत चंद्रयान-3 का चांद पर उतरने का बेसब्री से इंतजार रहा है, हर कोई उस गर्व भरे क्षण का साक्षी होना चाहता है। चंद्रयान मिशन धीरे-धीरे चांद के नजदीक बढ़ रहा है, लेकिन इस बीच इसरो ने शुक्रवार को चंद्रयान से ली गई चांद की वीडियो जारी करके लोगों के मन में उत्साह भर दिया। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि तस्वीर चांद के काफी पास से ली गई हैं, इन तस्वीरों में चांद की सतह साफ-साफ दिख रही है।
इसरो ने ट्वीट कर बताया कि चंद्रयान-3 के लैंडर इमेजर (एलआई) कैमरा-1 से 17 अगस्त 2023 को लैंडर मॉड्यूल के प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होने के ठीक बाद चांद की तस्वीरें ली गईं। चंद्रयान-3 की 23 अगस्त को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग की संभावना है। इसे 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था।
Chandrayaan-3 Mission:
— ISRO (@isro) August 18, 2023
View from the Lander Imager (LI) Camera-1
on August 17, 2023
just after the separation of the Lander Module from the Propulsion Module #Chandrayaan_3 #Ch3 pic.twitter.com/abPIyEn1Ad
लैंडर गति धीमी करते हुए आगे बढ़ेगा
इसरो ने ट्वीट कर बताया कि लैंडर मॉड्यूल (एलएम) अच्छी तरह से काम कर रहा है और एलएम ने सफलतापूर्वक डीबूस्टिंग ऑपरेशन किया जिससे इसकी कक्षा 113 किमी x 157 किमी तक कम हो गई। दूसरा डिबॉस्टिंग ऑपरेशन 20 अगस्त 2023 के लिए निर्धारित है। लैंडर गति धीमी करते हुए आगे बढ़ेगा।
Chandrayaan-3 Mission:
— ISRO (@isro) August 18, 2023
The Lander Module (LM) health is normal.
LM successfully underwent a deboosting operation that reduced its orbit to 113 km x 157 km.
The second deboosting operation is scheduled for August 20, 2023, around 0200 Hrs. IST #Chandrayaan_3#Ch3 pic.twitter.com/0PVxV8Gw5z
चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर का नाम विक्रम साराभाई (1919-1971) के नाम पर रखा गया है, जिन्हें व्यापक रूप से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है। बता दें कि लैंडर गुरुवार को प्रोपल्शन मॉड्यूल से सफलतापूर्वक अलग हो गया था। लैंडर मॉड्यूल में लैंडर और रोवर हैं। विक्रम लैंडर को इस मिशन में करीब 100 किमी की दूरी खुद तय करनी है। लैंडर अब अपनी ऊंचाई कम और गति धीमी करते हुए आगे बढ़ेगा।