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ISRO: अंतरिक्ष के मलबे से टकरा सकता था चंद्रयान-3, इसरो की ‘चार सेकंड’ की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
Mon, 29 Apr 2024 10:43 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Mon, 29 Apr 2024 10:43 PM IST
सार
ISRO: इसरो का कहना है कि चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग की थी। इसके बाद अंतरिक्ष के मलबे के टुकड़े से टकराने से बचने के लिए यान चार सेकंड देरी से रवाना हुआ।
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चंद्रयान- 3
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत के चंद्रयान-3 मिशन को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। इसरो का कहना है कि चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग की थी। इसके बाद अंतरिक्ष के मलबे के टुकड़े से टकराने से बचने के लिए यान चार सेकंड देरी से रवाना हुआ।
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लिफ्ट ऑफ में की गई चार सेकंड की देरी
इंडियन सिचुएशनल स्पेस अवेयरनेस रिपोर्ट (ISSAR) के अनुसार चंद्रयान -3 को ले जाने वाले लॉन्च व्हीकल मार्क -3 के लिफ्ट-ऑफ में चार सेकंड की देरी की गई। यह देरी अंतरिक्ष के मलबे के एक टुकड़े से टकराने से बचने के लिए की गई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का कहना है कि मलबे के टुकड़ों से टकराव से बचने के लिए लिफ्ट ऑफ में देरी की आवश्यक थी।
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बता दें कि 14 जुलाई 2023 को श्रीहरिकोटा में इसरो के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर के साथ चंद्रयान -3 मिशन लॉन्च किया गया था। 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र के पास यान को सुरक्षित रूप से उतारा गया था।
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चार सेकंड की देरी ने टाला टकराव का खतरा
चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण में चार सेकंड की देरी ने टकराव के खतरे को टाल दिया और चंद्रमा की यात्रा पर यान के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया। आईएसएसएआर-2023 की रिपोर्ट के अनुसार अंतरिक्ष के मलबे से टकराव से बचने के लिए इसरो को 30 जुलाई 2023 को पीएसएलवी-सी56 मिशन के तहत सिंगापुर के डीएस-एसएआर उपग्रह के प्रक्षेपण में एक मिनट की देरी करनी पड़ी थी। इसी तरह 24 अप्रैल 2023 को सिंगापुर के उपग्रह TeLEOS-2 के प्रक्षेपण में संभावित टकराव के विश्लेषण के बाद एक मिनट की देरी करनी पड़ी थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि इसरो द्वारा अपने उपग्रहों को अंतरिक्ष मलबे से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए 2023 में 23 बार ऐसी कोशिशें करनी पड़ीं।
आईएसएसएआर-2023 रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इसरो को यूएस स्पेस कमांड से लगभग 1,37,565 क्लोज अप्रोच अलर्ट मिले थे। इनमें से एक किमी की दूरी से कम वाले कुल 3,033 क्लोज अप्रोच अलर्ट थे, जिनमें अंतरिक्ष के मलबे से टकराव की स्थिति बन सकती थी।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की रिपोर्ट पर भी ध्यान देना जरूरी
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार अंतरिक्ष में बीते 60 से अधिक वर्षों में अलग अलग गतिविधियों के परिणामस्वरूप लगभग 56,450 मलबे के टुकड़ों को ट्रैक किया गया है, जिनमें से लगभग 28,160 टुकड़े अंतरिक्ष में मौजूद हैं। मलबे के इन टुकड़ों को नियमित रूप से यूएस स्पेस सर्विलांस नेटवर्क (यूएसएसएसएन) द्वारा ट्रैक किया जाता है।