{"_id":"6592625adfc3057bc10391b3","slug":"isro-chairman-s-somnath-says-2024-will-be-gaganyaan-year-will-launch-twelve-mission-2024-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"ISRO: 'गगनयान की तैयारियों का साल रहेगा 2024', इसरो चीफ बोले- इस साल 12 मिशन लॉन्च करने का लक्ष्य","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ISRO: 'गगनयान की तैयारियों का साल रहेगा 2024', इसरो चीफ बोले- इस साल 12 मिशन लॉन्च करने का लक्ष्य
Mon, 01 Jan 2024 12:56 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 01 Jan 2024 12:56 PM IST
सार
इसरो चीफ ने कहा कि इस साल (2024) में हमने कम से कम 12 मिशन लॉन्च करने का लक्ष्य तय किया है। हार्डवेयर की उपलब्धता के आधार पर ये संख्या बढ़ भी सकती है।
विज्ञापन
इसरो प्रमुख एस सोमनाथ (फाइल)
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) के चेयरमैन एस सोमनाथ ने बताया कि साल 2024 गगनयान मिशन की तैयारियों का साल होगा। इसके अलावा इस साल इसरो ने 12-14 मिशन लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। पीएसएलवी-सी58 एक्सपोसैट मिशन के सफल लॉन्च के बाद मीडिया से बात करते हुए एस सोमनाथ ने ये बातें कही।
'गगनयान मिशन की तैयारियों का साल रहेगा 2024'
एस सोमनाथ ने कहा कि 2024 गगनयान की तैयारियों का साल रहेगा। इसके साथ ही हम हेलीकॉप्टर से ड्रॉप टेस्ट भी करेंगे, जिसमें पैराशूट सिस्टम की जांच की जाएगी। इसी तरह के कई ड्रॉप टेस्ट किए जाएंगे। इनके अलावा कई वैल्यूएशन परीक्षण भी किए जाएंगे। साथ ही हम इस साल जीएसएलवी को भी लॉन्च करेंगे। इसरो चीफ ने कहा कि इस साल (2024) में हमने कम से कम 12 मिशन लॉन्च करने का लक्ष्य तय किया है। हार्डवेयर की उपलब्धता के आधार पर ये संख्या बढ़ भी सकती है।
एक्सपोसैट सैटेलाइट मिशन के बारे में बात करते हुए एस सोमनाथ ने कहा 'यह एक खास मिशन है क्योंकि एक्सरे पोलरिमेट्री एक विशेष वैज्ञानिक क्षमता है, जिसे हमने खुद विकसित किया है। हम चाहते हैं कि ऐसे 100 वैज्ञानिक तैयार किए जाएं जो यह समझ सकें और फिर ब्लैक होल के बारे में हमारी जानकारी को बढ़ा सकें। सोमनाथ ने बताया कि आदित्य एल1 6 जनवरी को एल1 पॉइंट पर पहुंच जाएगा और उसके बाद हम अंतिम मनूवर करेंगे।'
विज्ञापन
क्या है गगनयान मिशन
बता दें कि गगनयान मिशन के तहत इसरो इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है। इस मिशन के तहत तीन लोगों की टीम को अंतरिक्ष में पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा जाएगा और फिर उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस उतारा जाएगा। साल 2025 में इस मिशन को लॉन्च करने का लक्ष्य है। पहले यह मिशन साल 2022 में ही लॉन्च होना था लेकिन कोरोना महामारी और मिशन की जटिलताओं के चलते इसमें देरी हो गई। इसरो का गगनयान मिशन अगर सफल रहा तो ऐसा करने वाला भारत, अमेरिका, चीन और सोवियत संघ के बाद चौथा देश बन जाएगा।
विज्ञापन
'गगनयान मिशन की तैयारियों का साल रहेगा 2024'
एस सोमनाथ ने कहा कि 2024 गगनयान की तैयारियों का साल रहेगा। इसके साथ ही हम हेलीकॉप्टर से ड्रॉप टेस्ट भी करेंगे, जिसमें पैराशूट सिस्टम की जांच की जाएगी। इसी तरह के कई ड्रॉप टेस्ट किए जाएंगे। इनके अलावा कई वैल्यूएशन परीक्षण भी किए जाएंगे। साथ ही हम इस साल जीएसएलवी को भी लॉन्च करेंगे। इसरो चीफ ने कहा कि इस साल (2024) में हमने कम से कम 12 मिशन लॉन्च करने का लक्ष्य तय किया है। हार्डवेयर की उपलब्धता के आधार पर ये संख्या बढ़ भी सकती है।
विज्ञापन
एक्सपोसैट सैटेलाइट मिशन के बारे में बात करते हुए एस सोमनाथ ने कहा 'यह एक खास मिशन है क्योंकि एक्सरे पोलरिमेट्री एक विशेष वैज्ञानिक क्षमता है, जिसे हमने खुद विकसित किया है। हम चाहते हैं कि ऐसे 100 वैज्ञानिक तैयार किए जाएं जो यह समझ सकें और फिर ब्लैक होल के बारे में हमारी जानकारी को बढ़ा सकें। सोमनाथ ने बताया कि आदित्य एल1 6 जनवरी को एल1 पॉइंट पर पहुंच जाएगा और उसके बाद हम अंतिम मनूवर करेंगे।'
विज्ञापन
#WATCH | ISRO Chairman S Somnath says "2024 is going to be the year for Gaganyaan readiness...Along with that, we will have a helicopter-based drop test to prove the Parachute systems, there will be multiple drop tests. We also will have many hundreds of valuation tests. So it is… pic.twitter.com/T3VAqloXng
— ANI (@ANI) January 1, 2024
क्या है गगनयान मिशन
बता दें कि गगनयान मिशन के तहत इसरो इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है। इस मिशन के तहत तीन लोगों की टीम को अंतरिक्ष में पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा जाएगा और फिर उन्हें सुरक्षित पृथ्वी पर वापस उतारा जाएगा। साल 2025 में इस मिशन को लॉन्च करने का लक्ष्य है। पहले यह मिशन साल 2022 में ही लॉन्च होना था लेकिन कोरोना महामारी और मिशन की जटिलताओं के चलते इसमें देरी हो गई। इसरो का गगनयान मिशन अगर सफल रहा तो ऐसा करने वाला भारत, अमेरिका, चीन और सोवियत संघ के बाद चौथा देश बन जाएगा।