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इसरो अध्यक्ष के सिवन को मिला कलाम पुरस्कार, तमिलनाडु सरकार ने किया पुरस्कृत
Thu, 22 Aug 2019 02:37 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 22 Aug 2019 02:37 PM IST
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इसरो प्रमुख के सिवन (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
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इसरो के अध्यक्ष के सिवन को गुरुवार को मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी द्वारा तमिलनाडु सरकार के डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ के सिवन को यह पुरस्कार विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए दी गई है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष सिवन को पहले 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पुरस्कृत किए जाने की योजना थी लेकिन ऐसा हो न सका। सरकार ने तब बताया था कि सिवन को बाद की मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के हाथों यह पुरस्कार दिया जाएगा।
इसके बाद गुरुवार को इसरो प्रमुख ने सचिवालय में पलानीस्वामी से मुलाकात की, जहां मुख्यमंत्री ने उन्हें पुरस्कार प्रदान किया। इस पुरस्कार में आठ ग्राम का स्वर्ण पदक, पांच लाख रुपये नकद और एक प्रशस्ति पत्र दिया गया।
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कलाम पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जो वैज्ञानिक विकास, मानविकी और छात्रों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं। इसे तमिलनाडु सरकार प्रदान करती है। दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता ने 2015 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर पुरस्कार देने की घोषणा की थी।
डॉ के सिवन की देखरेख में ही इसरो ने 22 जुलाई को चंद्रमा पर दूसरा मिशन चंद्रयान 2 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। 62 वर्षीय सिवन अपने परिवार में पहले स्नातक हैं। उन्होंने 1980 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में अपनी मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद वह इसरो में शामिल हो गए। उन्हें साल 1999 में डॉ विक्रम साराभाई रिसर्च अवार्ड से नवाजा जा चुका है।
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष सिवन को पहले 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पुरस्कृत किए जाने की योजना थी लेकिन ऐसा हो न सका। सरकार ने तब बताया था कि सिवन को बाद की मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के हाथों यह पुरस्कार दिया जाएगा।
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इसके बाद गुरुवार को इसरो प्रमुख ने सचिवालय में पलानीस्वामी से मुलाकात की, जहां मुख्यमंत्री ने उन्हें पुरस्कार प्रदान किया। इस पुरस्कार में आठ ग्राम का स्वर्ण पदक, पांच लाख रुपये नकद और एक प्रशस्ति पत्र दिया गया।
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कलाम पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जो वैज्ञानिक विकास, मानविकी और छात्रों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं। इसे तमिलनाडु सरकार प्रदान करती है। दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता ने 2015 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर पुरस्कार देने की घोषणा की थी।
डॉ के सिवन की देखरेख में ही इसरो ने 22 जुलाई को चंद्रमा पर दूसरा मिशन चंद्रयान 2 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। 62 वर्षीय सिवन अपने परिवार में पहले स्नातक हैं। उन्होंने 1980 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में अपनी मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद वह इसरो में शामिल हो गए। उन्हें साल 1999 में डॉ विक्रम साराभाई रिसर्च अवार्ड से नवाजा जा चुका है।