ISRO: नेवी ने जारी किया गगनयान ट्रेनिंग प्लान, केंद्रीय मंत्री बोले- PM मोदी की आत्मनिर्भर योजना से फायदा
नौसेना संचालन के महानिदेशक और वाइस एडमिरल अतुल आनंद, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक उन्नीकृष्णन नायर और इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र के निदेशक उमामहेश्वरन आर ने 24 मई को ट्रेनिंग के संबंध में डॉक्यूमेंट जारी किए हैं।
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कोच्चि के INS गरुड़ में भारतीय नौसेना और इसरो ने गगनयान रिकवरी ट्रेनिंग प्लान जारी किया है। अधिकारियों ने गगनयान के क्रू मॉड्यूल के लिए ट्रेनिंग योजना की रूपरेखा तैयार की है।
ट्रेनिंग के संबंध में डॉक्यूमेंट जारी किए
नौसेना संचालन के महानिदेशक और वाइस एडमिरल अतुल आनंद, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक उन्नीकृष्णन नायर और इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र के निदेशक उमामहेश्वरन आर ने 24 मई को ट्रेनिंग के संबंध में डॉक्यूमेंट जारी किए हैं। नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डॉक्यूमेंट में कई दलों के शामिल होने के लिए कहा गया है। रिकवरी मिशन में ड्राइवर्स, मरीन कमांडो, स्वास्थ्य अधिकारी, टेक्निशियन और नौसेना एविएटर्स को शामिल किया गया है। नौसेना अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव अभियान चला रही है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला
कार्मिक, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने डॉ. जितेंद्र सिंह ने यहां इंडिया डिफेंस कॉन्क्लेव 2023 को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले नौ वर्षों में रक्षा उपकरणों के स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए कई नीतिगत पहल की है, जिससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, पिछले 9 वर्षों में अंतरिक्ष क्षेत्र ने 60 वर्षों में की गई प्रगति को पार किया है।
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र आपस में जुड़े हुए हैं और इन दोनों में नीतिगत अंतराल को पाटकर इसके तेज और स्वदेशी विकास के लिए प्रधानमंत्री से एक सक्षम वातावरण मिला है। हाल के वैश्विक संघर्षों के मद्देनजर अंतरिक्ष की रणनीतिक प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष, एक दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकी डोमेन, एक महत्वपूर्ण बहुआयामी संबल के रूप में उभर रहा है जो अभूतपूर्व पहुंच प्रदान करता है।
आयात पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता है। चीफ ने कहा कि रक्षा उपकरणों में रणनीतिक स्वायत्तता के लिए स्वदेशी तकनीक का अधिग्रहण करना होगा। इसके साथ ही उन्नयन के साथ क्षमता बढ़ाना होगा। रखरखाव करके क्षमता को सहेजना होगा और भविष्य के लिए अनुसंधान और विकास के माध्यम से क्षमता का विकास करना होगा।
वायुसेना चीफ ने यूपीएसी टॉपर से की मुलाकात
Indian Air Force Chief Air Chief Marshal VR Chaudhari today felicitated the UPSC Civil Services Exam topper, Ishita Kishore. She is the daughter of an IAF veteran & an alumna of Air Force Bal Bharati School. pic.twitter.com/9WvRU9jh8C
— ANI (@ANI) May 26, 2023