फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Is Hindi national language Bombay High Court says yes to reject bail plea Telugu accused moves Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट में अर्जी: क्या हिंदी राष्ट्रीय भाषा है? बॉम्बे हाईकोर्ट ने हां में जवाब देकर खारिज कर दी थी जमानत अर्जी 

Sat, 19 Feb 2022 09:39 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 19 Feb 2022 09:39 PM IST
सार

हैदराबाद के गंगम सुधीर कुमार रेड्डी का टूर और ट्रैवल का कारोबार है। एंटी नारकोटिक्स सेल ने उसे मुंबई से गिरफ्तार किया था। एंटी नारकोटिक्स सेल ने उसके वैधानिक अधिकारों के बारे में हिंदी में बताया।

विज्ञापन
Is Hindi national language Bombay High Court says yes to reject bail plea Telugu accused moves Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट में हैदराबाद के एक तेलुगु भाषी व्यक्ति ने याचिका देकर पूछा है क्या हिंदी राष्ट्रीय भाषा है? उसके इसी सवाल पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने हां में जवाब देते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। याचिकाकर्ता की दलील थी कि एंटी नारकोटिक्स सेल ने उसे उसके अधिकारों के बारे में हिंदी में बताया जबकि वह सिर्फ तेलुगु जानता है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए तर्क दिया था कि टूर और ट्रैवल का कारोबार करने वाले को राष्ट्रीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए।

विज्ञापन


हैदराबाद के गंगम सुधीर कुमार रेड्डी का टूर और ट्रैवल का कारोबार है। एंटी नारकोटिक्स सेल ने उसे मुंबई से गिरफ्तार किया था। उसकी कार में पर्याप्त मात्रा में कोन्ट्राबैंड बरामद हुई थी। एंटी नारकोटिक्स सेल ने उसके वैधानिक अधिकारों के बारे में हिंदी में बताया। जबकि रेड्डी को सिर्फ तेलुगु ही समझ आती है। रेड्डी ने जमानत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी दी। 
विज्ञापन


वहां एंटी नारकोटिक्स सेल ने कोर्ट को बताया कि उसे एक राष्ट्रीय भाषा में ही पूरी जानकारी दी गई थी। रेड्डी की दलील थी कि उसके मामले में एनडीपीएस कानून की धारा 50 का पालन नहीं हुआ। अर्जी खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, आपने बताया है कि आपका टूर और ट्रैवल का काम है। इसके लिए जरूरी है कि आप राष्ट्रीय भाषाओं की समझ रखते हों। हिंदी एक राष्ट्रीय भाषा है इसलिए हम आपको राहत नहीं दे सकते। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले में कहा था कि अनुच्छेद 22(5) के तहत जरूरी है कि व्यक्ति को उसके मौलिक अधिकारों के बारे में उसी भाषा में जानकारी दी जाए वह उसके द्वारा अच्छी तरह समझी जाती हो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed