क्या दिल्ली में भी पूरी तरह मुफ्त हो सकता है पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम?
लक्जमबर्ग दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने अपने यहां वर्ष 2020 से पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह फ्री करने की घोषणा कर दी है। यूरोप के कुछ शहरों में इस तरह की सेवा पहले ही चालू की जा चुकी है, लेकिन पूरे देश के तौर पर ऐसी घोषणा करने वाला लक्जमबर्ग पहला देश है। आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महिलाओं को बस-मेट्रो में फ्री यात्रा करने की घोषणा कर यह सवाल उठा दिया है कि क्या राजधानी में भी मुफ्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा शुरू की जा सकती है? क्या दिल्ली सरकार की आर्थिक स्थिति इसकी इजाजत देती है? हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञ दिल्ली की हवा और पर्यावरण की सेहत सुधारने के लिए ऐसे सिस्टम की मांग करते रहे हैं।
दरअसल, जनवरी 2018 के एक आंकड़े के मुताबिक लक्जमबर्ग की कुल आबादी महज 6 लाख की है। आसपास के पड़ोसी देशों के लगभग दो लाख लोग रोजाना लक्जमबर्ग में कामकाज करने के लिए आते हैं। इससे छोटे से देश लक्जमबर्ग में भीड़ बहुत बढ़ जाती है। वहां की सरकार के एक अध्ययन के मुताबिक, वहां का हर ड्राइवर हर हफ्ते लगभग 33 घंटे जाम में फंसा रहता है। ट्रैफिक की इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए ही वहां की सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने का फैसला कर लिया और वर्ष 2020 की शुरुआत से पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह फ्री करने की घोषणा कर दी।
लेकिन ऐसी सेवा दिल्ली में शुरू करना आसान काम नहीं है। इसकी वजह यह है कि दिल्ली की आबादी लगभग सवा दो करोड़ है। सिर्फ मेट्रो से ही रोजाना लगभग 25 लाख यात्री सफर करते हैं। बसों की भारी कमी है और इसकी मौजूदा क्षमता लगभग 3500 बसों की ही है जो लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नाकाफी है। सरकार ने एक वर्ष के अंदर यह क्षमता 3000 बसें और बढ़ाने की बात कही है। बसों की कमी के कारण लाखों लोगों को अपने निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ती है जिससे अंततः दिल्ली के प्रदूषण में भारी इजाफा होता है। ठंडक में दिल्ली की हवा सांस लेने के लिए बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है।
दिल्ली में वाहनों से पैदा प्रदूषण की स्थिति गंभीर
दिल्ली सरकार के जून 2018 के एक आंकड़े के मुताबिक, केवल वाहनों के कारण राजधानी में रोजाना 217.7 टन कार्बन मोनो ऑक्साइड पैदा होती है जो किसी के भी स्वास्थ्य को बेहद खराब कर सकती है। इसके अलावा हाइड्रोकार्बन 66.7 टन, नाइट्रोजन ऑक्साइड 84.1 टन, पार्टीकुलेट मैटर 9.7 टन और सल्फर डाई ऑक्साइड 0.72 टन रोजाना जहरीली गैस के रुप में दिल्ली की आबोहवा में घुल जाती है जो लोगों में तमाम गंभीर बीमारियां पैदा करती हैं।
मनोज तिवारी ने कहा- न्याय योजना की तरह लॉलीपॉप
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की महिलाओं को मुफ्त यात्रा की घोषणा को भाजपा नेता मनोज तिवारी ने एक लॉलीपॉप बताया। उन्होंने कहा कि इसी सरकार के पास उस समय पैसा नहीं था जब दिल्ली के छात्र अपने लिए फ्री पास देने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की यह योजना जमीन पर नहीं उतरने वाली है और इसका परिणाम भी उसी तरह होगा जो हाल कांग्रेस की न्याय योजना का हुआ है। उन्होंने इसे केजरीवाल का 'राजनीतिक स्टंट' बताया।
तिवारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरुरी उपाय नहीं कर पा रही है, बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, सरकार उसे तो पूरा कर नहीं पा रही है। ऐसे में महिलाओं को प्रति वर्ष फ्री यात्रा में हजारों करोड़ कहां से खर्च करेगी, यह समझने की बात है।