फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Iranian ambassador Mohammad Fathali says on Chabahar port that strategically economically very important

Iran On Chabahar Port: चाबहार बंदरगाह पर ईरानी राजदूत का बड़ा संदेश, कहा- रणनीतिक और आर्थिक रूप से बहुत जरूरी

Sat, 07 Feb 2026 01:29 AM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sat, 07 Feb 2026 01:29 AM IST
सार

ईरान ने चाबहार पोर्ट को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए बेहद अहम बताते हुए भारत और अन्य देशों से सहयोग बढ़ाने की बात कही है। नई दिल्ली में ईरानी राजदूत ने कहा कि यह पोर्ट अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच का बड़ा रास्ता है।

विज्ञापन
Iranian ambassador Mohammad Fathali says on Chabahar port that strategically economically very important
भारत में ईरान के राजदूत - फोटो : X- @IranAmbIndia

विस्तार

ईरान ने चाबहार पोर्ट को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए बेहद अहम बताते हुए साफ कहा है कि इस परियोजना पर भारत और अन्य देशों के साथ सहयोग और बढ़ाया जाना चाहिए। नई दिल्ली में ईरान के राजदूत ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब चाबहार पोर्ट को लेकर अमेरिकी प्रतिबंध नीतियों में हाल में बदलाव हुए हैं। इससे इस परियोजना के भविष्य और भारत की भागीदारी पर नई चर्चा शुरू हो गई है।

विज्ञापन


चाबहार पोर्ट पर ईरान का स्पष्ट रुख
नई दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा कि चाबहार पोर्ट रणनीतिक और आर्थिक रूप से बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह बंदरगाह अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच का बड़ा रास्ता बन सकता है। ईरान का मानना है कि इस परियोजना में भारत के साथ रिश्ते और मजबूत किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय व्यापार और संपर्क बढ़ाने में चाबहार की बड़ी भूमिका है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत सुनवाई का आज आखिरी दिन, बढ़ सकती है समय सीमा
विज्ञापन
विज्ञापन


क्यों अहम है चाबहार परियोजना?
चाबहार पोर्ट परियोजना की परिकल्पना अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास को ध्यान में रखकर की गई थी। इसका उद्देश्य भारत, अफगानिस्तान और मध्य एशिया के बीच व्यापारिक रास्ता मजबूत करना है। यह मार्ग पाकिस्तान को बाईपास कर सीधी कनेक्टिविटी देता है। इसी कारण भारत के लिए यह परियोजना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। पोर्ट के जरिए माल ढुलाई और क्षेत्रीय व्यापार को नई गति देने की योजना है।

भारत की भागीदारी और समझौता?
केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि भारत की कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई के जरिए 2018 से चाबहार पोर्ट का संचालन कर रही है। 13 मई 2024 को कंपनी ने ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम संगठन के साथ 10 साल का करार किया। यह करार चाबहार पोर्ट के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को विकसित करने और चलाने के लिए है। समझौते के तहत भारत ने पोर्ट उपकरण खरीद के लिए 120 मिलियन डॉलर देने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी की है।


ये भी पढ़ें- राज्य में बड़े पैमाने पर कौवों की मौत से हड़कंप, बर्ड फ्लू की आशंका के बीच हाई अलर्ट जारी

अमेरिकी प्रतिबंध और छूट का मामला
अमेरिका ने 2018 में अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण को देखते हुए चाबहार परियोजना को प्रतिबंधों से छूट दी थी। लेकिन सितंबर 2025 में अमेरिकी विदेश विभाग ने यह छूट वापस ले ली। बाद में बातचीत के बाद सशर्त छूट को 26 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया गया। भारत सरकार ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर सभी पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि भारतीय कंपनियों पर किसी तरह का दुष्प्रभाव कम किया जा सके।

ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता भी चर्चा में
ईरानी राजदूत ने ओमान के मस्कट में हुई ईरान और अमेरिका की परमाणु वार्ता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बातचीत का एक दौर हो चुका है और इसमें परमाणु मुद्दों पर चर्चा हुई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भी वार्ता में शामिल हुए। ईरान ने कहा है कि बातचीत के नतीजे का इंतजार किया जा रहा है। हाल के हफ्तों में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है और सैन्य टकराव की आशंका भी जताई जाती रही है।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article