Iran: 'हम वार्ता के लिए तैयार, बशर्ते इस्राइली कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय निंदा हो', ईरान के उप राजदूत का बयान
Iran: ईरान के वरिष्ठ राजनयिक मोहम्मद जवाद होसैनी ने कहा कि उनका देश किसी भी शांति वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते इस्राइल की सैन्य कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हो। होसैनी ने कहा कि अमेरिका को दबाव बनाना चाहिए और दूसरे पक्ष को बातचीत की मेज पर लाना चाहिए।
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ईरान हमेशा से शांति और सुरक्षा के पक्ष में रहा है और वह किसी भी शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन शर्त ये है कि पहले इस्राइल की सैन्य कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा होनी चाहिए। यह बात ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने बुधवार को कही।
भारत में ईरानी मिशन के उप राजदूत मोहम्मद जवाद होसैनी ने पीटीआई से बातचीत में यह भी कहा कि अमेरिका को दबाव बनाना चाहिए और दूसरे पक्ष को दोबारा बातचीत की मेज पर लाना चाहिए।
ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की निकासी पर उन्होंने कहा कि उनके देश के भारतीय दूतावास से बहुत अच्छे संबंध हैं और जो भी भारतीय, खासकर छात्र, देश छोड़ना चाहते हैं, उनकी सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आगे कहा, हम सभी विदेशी नागरिकों की सुरक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं।
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विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा था कि सुरक्षा कारणों से तेहरान में रह रहे भारतीय छात्रों को वहां से बाहर निकाला गया है, जिनकी व्यवस्था भारतीय दूतावास ने की है। बातचीत के दौरान होसैनी ने आरोप लगाया, इस्राइली शासन ने कुछ आधारहीन आरोपों के आधार पर हम पर हमला किया है। उन्होंने आगे कहा, हमने आत्मरक्षा के तौर पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सहारा लेने की कोशिश की और जवाबी कार्रवाई की।
ईरान की राजधानी तेहरान इस समय इस्राइली हमलों की चपेट में है, जिनका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना है। 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के तहत इस्राइल ने ईरान के कई इलाकों पर हमले किए हैं, जिनके जवाब में तेहरान ने चेतावनी देने के बाद पलटवार किया है।
भारत में इस्राइल के राजदूत रीयूवेन अजर ने मंगलवार को कहा था कि इस्राइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को गंभीर रूप से कमजोर करने के लिए सैन्य कार्रवाई की, क्योंकि ये उसकी सुरक्षा के लिए खतरा बन गए थे। उन्होंने कहा कि इस्राइल ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, ताकि उसकी ताकत को कमजोर किया जा सके।
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इस पर ईरान के उप राजदूत होसैनी ने कहा कि इस महीने ईरान ने दिखा दिया है कि हम अपने देश, अपने लोगों और विदेशी नागरिकों की रक्षा करने में सक्षम हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस्राइल की सैन्य कार्रवाई में गैर-सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है।
भारतीय नागरिकों की निकासी को लेकर उन्होंने कहा, भारतीय हमारे दोस्त हैं। जो अन्य देश अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर हैं, उन्हें ऐसी हरकतों की निंदा करनी चाहिए। इससे इस्राइल को रोकने में मदद मिलेगी और ईरान में निर्दोष नागरिकों की जान बचाई जा सकेगी, चाहे वे ईरानी हों या अन्य देश के। ईरानी राजदूत ने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर कहा, ईरान हमेशा शांति और सुरक्षा के पक्ष में रहा है और तेहरान क्षेत्र में स्थिरता के लिए किसी भी पहल का स्वागत करता है।
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