फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   IPS officer had told swindler to be High Court judge, Supreme Court did not grant anticipatory bail

Supreme Court: आईपीएस अफसर ने ठग को बताया था हाईकोर्ट का जज, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी अग्रिम जमानत

Sun, 26 Nov 2023 06:15 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Sun, 26 Nov 2023 06:15 AM IST
सार

जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि वह सामने आए तथ्यों पर अपनी आंखें नहीं मूंद सकती।

विज्ञापन
IPS officer had told swindler to be High Court judge, Supreme Court did not grant anticipatory bail
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने उस आईपीएस अफसर को अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया, जिसने अपने खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच को प्रभावित करने के लिए एक ठग को हाईकोर्ट जज के तौर पर पेश किया था। अपने हालिया फैसले में सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि पूर्व एसपी आदित्य कुमार पर लगे आरोपों की प्रकृति काफी गंभीर है, इसलिए उन्हें राहत नहीं दी जा सकती।

विज्ञापन


जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि वह सामने आए तथ्यों पर अपनी आंखें नहीं मूंद सकती। मामला न केवल न्यायिक कार्यवाही में पवित्रता बनाए रखने से संबंधित है, बल्कि पूरी व्यवस्था में जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिहाज से भी काफी मायने रखता है। हमारा दृढ़ मत है कि आगे निर्देशों की जरूरत है।
विज्ञापन


साथ ही शीर्ष अदालत ने पटना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को सीलबंद लिफाफे में यह जानकारी देने को कहा कि हाईकोर्ट ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


व्हाट्सएप पर चीफ जस्टिस का फोटो लगा कॉल कराई
आईपीएस आदित्य कुमार के खिलाफ पिछले साल अक्तूबर में मामला दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि अपने खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही रद्द कराने के लिए सह-आरोपियों संग मिलकर साजिश रची। सह-अभियुक्तों ने उनके संज्ञान में एक व्हाट्सएप अकाउंट बनाया, जिसमें पटना हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस, जो अब सुप्रीम कोर्ट जज हैं, की तस्वीर लगाई गई। फिर जांच में फैसला अपने पक्ष में कराने के लिए इसी व्हाट्सएप नंबर से बिहार के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक को कॉल और मैसेज किए गए।


पटना हाईकोर्ट पहले ही कर चुकी है इन्कार
पटना हाईकोर्ट इसी साल मार्च में पूर्व एसपी को अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर चुकी है। हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने से इन्कार करते हुए कहा, भ्रष्टाचार हमेशा किसी भी राष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिए खतरा रहा है और फिर यह तो एक वर्दीधारी व्यक्ति की तरफ से किया गया है, जिसे ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाना होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed