INX मीडिया केस: HC से कार्ति चिदंबरम को मिली जमानत, दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा
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दिल्ली हाईकोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामले में कार्ति चिदंबरम को जमानत दे दी है, देर शाम कार्ति दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा हुए। कोर्ट ने कार्ति को 10 लाख रुपये के भुगतान का भी आदेश दिया है और यह शर्त भी रखी है कि कार्ति देश से बाहर नहीं जा सकते। इस दौरान कार्ति गवाह या करीबी बैंक खातों को प्रभावित नहीं कर सकते। इससे पहले जस्टिस एस पी गर्ग की बेंच ने 16 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।
'This is my only reaction': #KartiChidambaram after being released from Delhi's Tihar Jail. He was granted bail by Delhi High Court in #INXMediaCase pic.twitter.com/fizBQ9zP4r
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— ANI (@ANI) March 23, 2018
पहले भी दिल्ली हाईकोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया मामले पर फैसला लेते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को थोड़ी राहत दी थी। हाईकोर्ट ने कार्ति को ईडी की गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की समय सीमा 2 दिन बढ़ा दी थी। कोर्ट ने 20 मार्च की अवधि को बढ़ाकर 22 मार्च कर दिया था। ईडी ने भी कोर्ट के इस फैसले पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी।
कोर्ट में कार्ति के वकीलों की दलील थी कि अब सीबीआई कर्ति से पूछताछ कर चुकी है। लिहाजा अब उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने का कोई कारण नहीं है। जज एस रविंद्र भट ने पहले ही स्पष्ट किया था कि सीबीआई के मामले में विशेष अदालत यदि कार्ति को जमानत देती है तो, ऐसी स्थिति में अगली सुनवाई तक निदेशालय उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगा। इससे पहले कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को ईडी की गिरफ्तारी से 20 मार्च तक की अंतरिम राहत दी थी। जो फैसले के बाद दो दिन और बड़ गई थी।
कार्ति चिदंबरम को 8 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए कहा था कि वह किसी भी अंतरिम राहत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट जाएं। इसके बाद कार्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बता दें कि दिल्ली के एक कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम के चार्टर्ड एकाउंटेंट एस भास्करन को जमानत पर रिहा कर दिया था। कोर्ट ने 2 लाख की बेल राशि पर भास्करन को रिहा किया था। रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई की हिरासत में चल रहे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के लिए ये एक बड़ी राहत है।
बता दें कि कार्ति पर आरोप है कि 2007 में उनके पिता पी चिदंबरम के केंद्रीय वित्त मंत्री रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया को करीब 305 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड यानी एफआईपीबी से मंजूरी लेने में गड़बड़ी की गई थी।