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पत्रकार गौरी लंकेश मर्डर केस: SIT अब 1.2 लाख लाल पल्सर वालों की जांच करेगी
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
Updated Tue, 26 Sep 2017 04:19 PM IST
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वरिष्ठ कन्नड़ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की जांच कर रही एसआईटी राज्य के करीब 1.2 लाख लाल रंग की बजाज पल्सर के रिकॉर्ड खंगालेगी। 5 सितंबर को गौरी की हत्या उसके घर के बाहर कर दी गई थी। गौरी को मारने वाला लाल बाइक से आया था।
सूत्रों ने बताया कि राजराजेश्वरी नगर में गौरी के पड़ोसी और स्थानीय निवासी ने एसआईटी से जांच में बताया था कि गौरी को गोली मारने वालों ने हेल्मेट पहन रखा था। पूछताछ के दौरान प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गोली की आवाज सुन कर जब वो घर के बाहर आया तो उसने दो लोगों को लाल बजाज प्लसर से भागते देखा था। दोनों ने गहरे रंग के हेल्मेट पहने थे, अंधेरें में रंग की पहचान नहीं कर सका।
पढ़ें: गौरी लंकेश की हत्या के मामले में SIT के हाथ लगा बड़ा सबूत, सामने आया 'कातिल' का चेहरा
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लाल बजाज की पल्सर की जांच के लिए एसआईटी ने आरटीओ ऑफिस से 1.2 लाख पल्सर गाड़ियों की जानकारी मांगी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक लोकल पुलिस स्टेशनों में लाल पल्सर की सूचना फ्लैश कर दी गई है। जिस किसी के पास लाल पल्सर होगी उनकी जांच की जाएगी। पुलिस उत्तरी बंगलूरू में KA-02 से शुरू होने वाले नंबर को विशेषरूप से खोज रही है।
गौरी की हत्या को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है। एसआईटी सूत्रों ने बताया कि यह साफ हो चुका है कि हत्यारों ने उसे मारने से पहले फोन पर बात नहीं की थी, यहां तक की उनलोगों ने किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन का उपयोग नहीं किया था।
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सूत्रों ने बताया कि राजराजेश्वरी नगर में गौरी के पड़ोसी और स्थानीय निवासी ने एसआईटी से जांच में बताया था कि गौरी को गोली मारने वालों ने हेल्मेट पहन रखा था। पूछताछ के दौरान प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गोली की आवाज सुन कर जब वो घर के बाहर आया तो उसने दो लोगों को लाल बजाज प्लसर से भागते देखा था। दोनों ने गहरे रंग के हेल्मेट पहने थे, अंधेरें में रंग की पहचान नहीं कर सका।
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लाल बजाज की पल्सर की जांच के लिए एसआईटी ने आरटीओ ऑफिस से 1.2 लाख पल्सर गाड़ियों की जानकारी मांगी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक लोकल पुलिस स्टेशनों में लाल पल्सर की सूचना फ्लैश कर दी गई है। जिस किसी के पास लाल पल्सर होगी उनकी जांच की जाएगी। पुलिस उत्तरी बंगलूरू में KA-02 से शुरू होने वाले नंबर को विशेषरूप से खोज रही है।
गौरी की हत्या को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है। एसआईटी सूत्रों ने बताया कि यह साफ हो चुका है कि हत्यारों ने उसे मारने से पहले फोन पर बात नहीं की थी, यहां तक की उनलोगों ने किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन का उपयोग नहीं किया था।