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जानबूझकर खराब किया जाता है दलित अधिकारियों का रिकॉर्ड: अठावले
पंकज शुक्ल/नई दिल्ली
Updated Mon, 13 Feb 2017 07:10 PM IST
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रामदास अठावले
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केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बीएसपी अध्यक्ष मायावती पर करारा हमला बोला है। उनका कहना है कि बीएसपी ने उत्तर प्रदेश में दलितों के हित का कोई काम नहीं किया है। अठावले इस बात को भी दोहराना नहीं भूलते कि उन्होंने आंदोलन चलाकर महाराष्ट्र के कई मंदिरों में दलितों का प्रवेश शुरू कराया है और अब उनके निशाने पर उत्तर प्रदेश का दलित वोट बैंक है। अठावले का सीधा आरोप है कि तमाम दलित आईएएस अफसरों का रिकॉर्ड सिर्फ इसलिए खराब कर दिया जाता है ताकि वे प्रशासनिक सेवाओं में उच्चतम पदों पर न पहुंच सकें।
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जब सारे राजनीतिक पंडितों का ध्यान बीजेपी बनाम बीएसपी या बीजेपी बनाम एसपी-कांग्रेस की लड़ाई पर है, केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल महाराष्ट्र के दलित नेता राम दास अठावले प्रदेश के दलित वोट बैंक पर डोरे डालने में जुटे हैं। उनकी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-अठावले ने प्रदेश की करीब 40 सुरक्षित सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं और अठावले इस बात को स्वीकारने में तनिक भी नहीं झिझकते कि ऐसा उन्होंने बीएसपी के वोट काटने और बीजेपी को जिताने के लिए किया है।
अठावले कहते हैं कि उनकी पार्टी यूपी के चुनाव मैदान में है लेकिन उनकी लड़ाई बीजेपी से कतई नहीं है। वह कहते हैं कि हाथी चुनाव चिन्ह आरपीआई का पुराना चुनाव चिन्ह रहा है और इस निशान पर आरपीआई के कई बड़े नेता चुनाव भी जीते लेकिन दलितों की इस जमीन पर धीरे धीरे मायावती ने कब्जा कर लिया।
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उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जब सारे राजनीतिक पंडितों का ध्यान बीजेपी बनाम बीएसपी या बीजेपी बनाम एसपी-कांग्रेस की लड़ाई पर है, केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल महाराष्ट्र के दलित नेता राम दास अठावले प्रदेश के दलित वोट बैंक पर डोरे डालने में जुटे हैं। उनकी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-अठावले ने प्रदेश की करीब 40 सुरक्षित सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं और अठावले इस बात को स्वीकारने में तनिक भी नहीं झिझकते कि ऐसा उन्होंने बीएसपी के वोट काटने और बीजेपी को जिताने के लिए किया है।
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अठावले कहते हैं कि उनकी पार्टी यूपी के चुनाव मैदान में है लेकिन उनकी लड़ाई बीजेपी से कतई नहीं है। वह कहते हैं कि हाथी चुनाव चिन्ह आरपीआई का पुराना चुनाव चिन्ह रहा है और इस निशान पर आरपीआई के कई बड़े नेता चुनाव भी जीते लेकिन दलितों की इस जमीन पर धीरे धीरे मायावती ने कब्जा कर लिया।
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'बीएसपी ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया'
रामदास अठावले
अमर उजाला टीवी से एक खास मुलाकात में महाराष्ट्र के इस चर्चित दलित नेता ने कहा कि बीएसपी ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया है, बीएसपी ने सिर्फ चुनाव लड़ने का काम किया। अठावले ने कहा कि मायावती अच्छी शासक है, लेकिन वह कार्यकर्ताओं को इज्जत नहीं देती। बीएसपी के तमाम बड़े नेताओं के अपने संपर्क में होने का दावा करने वाले अठावले ने कहा कि वह अब यूपी में मायावती के वोटों पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे। आरक्षण में अगड़ों के गरीबों को आरक्षण देने के हिमायती अठावले कहते हैं कि इस बारे में सभी दलों के बीच सहमति बननी चाहिए ताकि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी आरक्षण मिल सके।
अठावले ने कहा कि भारतीय संविधान में आरक्षण की जो व्यवस्था है उसका विस्तार होना चाहिए। प्रमोशन में आरक्षण का विधेयक कई साल से लंबित है। इसके साथ ही न्यायपालिका में भी दलितों को आरक्षण मिलना चाहिए। सरकारी विभागों के उच्चतम पदों पर दलित अफसरों की नुमाइंदगी लगातार कम होते जाने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा कि दलित समाज के अधिकारियों का रिकॉर्ड जबरदस्ती खराब किया जाता है ताकि वे सरकारी विभागों के उच्चतम पदों पर न पहुंच सकें।
अठावले ने कहा कि भारतीय संविधान में आरक्षण की जो व्यवस्था है उसका विस्तार होना चाहिए। प्रमोशन में आरक्षण का विधेयक कई साल से लंबित है। इसके साथ ही न्यायपालिका में भी दलितों को आरक्षण मिलना चाहिए। सरकारी विभागों के उच्चतम पदों पर दलित अफसरों की नुमाइंदगी लगातार कम होते जाने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा कि दलित समाज के अधिकारियों का रिकॉर्ड जबरदस्ती खराब किया जाता है ताकि वे सरकारी विभागों के उच्चतम पदों पर न पहुंच सकें।