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Arunachal Pradesh: लग्जरी कार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 57 वाहन बरामद; पांच लोग गिरफ्तार

Mon, 28 Jul 2025 06:52 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 28 Jul 2025 06:52 PM IST
सार

Arunachal Pradesh: ईटानगर पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 57 लग्जरी कारें बरामद की हैं, जिनकी कीमत 30.5 करोड़ रुपये से ज्यादा है। चोरी की गई ये गाड़ियां दिल्ली, हरियाणा, यूपी जैसे राज्यों से लाकर अरुणाचल प्रदेश में बेची जाती थीं। मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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Inter-state vehicle theft racket busted in Itanagar; 57 luxury cars worth Rs 30 crore recovered
पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

ईटानगर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोरी और तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 57 महंगी और लग्जरी कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत 30.5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

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पुलिस के मुताबिक, भारत के किसी एक थाने ने अब तक की यह सबसे बड़ी वाहन बरामदगी की है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस अधीक्षक (एसपी) जुम्मार बसर ने बताया कि पुलिस को इस नेटवर्क की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद उसने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले की छानबीन के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) भी गठित किया। 
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उन्होंने बताया कि अभियान दो जुलाई को शुरू किया किया गया था और इसके तहत ईटानगर राजधानी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से चोरी के 57 वाहन बरामद किए गए। ये सभी कारें लग्जरी और महंगे मॉडल की थीं। जांच के सामने आया कि ये वाहन दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों से चुराए गए थे। 

गिरोह के काम करने के तरीके के बारे में एसपी ने बताया कि ये लोग दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों से महंगी गाड़ियां चुराते थे। इसके बाद दलालों की मदद से गाड़ियों के इंजन और नंबर में हेरफेर किया जाता था। फर्जी पंजीकरण पत्र बनाए जाते थे और फिर इन वाहनों को अरुणाचल प्रदेश लाया जाता था। 


यहां आने के बाद इन वाहनों को असली दस्तावेजों के बिना ही बाजार मूल्य से काफी कम कीमतों पर लोगों को बेच दिया जाता था। एसपी बसर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्क होने की संभावना भी सामने आई है। कुछ डिजिटल लेन-देन और सीमा पार आवाजाही में दिखे पैटर्न से संकेत मिल रहा है कि इसमें विदेशी लोग या लेनदेन शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी विस्तृत जांच की जा रही है और पुलिस पैसों के लेनदेन और विदेशी संपर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है, जिनमें से कुछ के राज्य के बाहर होने की आशंका है। एसपी ने बताया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और भी वाहनों की बरामदगी संभव है। बसर ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी सेकंड हैंड वाहन को खरीदने से पहले उसकी जानकारी ‘वाहन’ पोर्टल या संबंधित आरटीओ से अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि बिना सही दस्तावेजों के वाहन न खरीदें और किसी भी संदिग्ध विक्रेता या वाहन की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें।

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