सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर खुफिया विभाग की नजर
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खुफिया विभाग ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाली फेसबुक की 28 आईडी को चिन्हित किया है। इसके अलावा व्हाट्सऐप के 28 मोबाइल नंबरों को निगरानी पर लिया गया है। दरअसल बदली राजनीतिक परिस्थितियों में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने वाले तमाम लोग सक्रिय हैं। खुफिया एजेंसियां अब ऐसे लोगों को चिन्हित कर रही हैं। सुबूत इकट्ठा करने के बाद उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा चुनावों और परिणाम के बाद अचानक से फेसबुक और व्हाट्सऐप पर भड़काऊ मैसेज भेजने का सिलसिला तेजी से शुरू हुआ।
ऐसे संदेशों से शहर की कानून व्यवस्था और माहौल बिगड़ने का खतरा था। सत्ती चौरा में दो पक्षों के बीच विवाद को तूल देने में ऐसे तत्वों का अहम रोल रहा। विवाद के दौरान बेहद आपत्तिजनक मैसेजे भेजने के साथ फेसबुक की कई आईडी से आपत्तिजनक पोस्ट भी किए गए। समय रहते पुलिस प्रशासन हरकत में न आता और इलाके में भारी पुलिस बल के साथ त्वरित कार्रवाई न की गई होती तो माहौल बिगड़ सकता था।
खुफिया एजेंसियां हुई सतर्क
पुलिस के पहुंचने और हालात के सामान्य होने के बाद भी व्हाट्सऐप और फेसबुक पर भड़काऊ और फर्जी मैसेज का दौर चलता रहा। फर्जी संदेशों ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा रखी थी। इस घटना के बाद से पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई।
घटना के बाद से अब तक 28 फेसबुक आईडी और 76 व्हाट्सऐप मोबाइल नंबरों को चिन्ह्ति किया गया। एलआईयू और आईबी फेसबुक पर भड़काऊ और गलत संदेश पोस्ट करने वालों की आईडी को लगातार फॉलो कर रही हैं।
फेक आईडी बनाकर ऐसा करने वालों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। ईएमईआई नंबर और फे्रंडलिस्ट से उनके बारे में पता लगाया जा रहा है।व्हाट्सऐप ग्रुप में फर्जी सूचनाएं भेजने वालों को भी चिन्ह्ति किया जा रहा है।
ऐसे लोगों के खिलाफ पुख्ता सुबूत इकट्ठा करने के बाद एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ और फर्जी संदेश भेजने वालों की खैर नहीं है। ऐसे लोगों को चिन्ह्ति कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। गतिविधि संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी---संजीव देशवाल सीओ एलआईयू