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प्लास्टिक के झंडे की जगह कागज के तिरंगे का इस्तेमाल करें: गृह मंत्रालय
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Thu, 23 Mar 2017 04:47 AM IST
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गृहमंत्रालय ने राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय संस्थानों को हर हाल में राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय त्योहारों और खेल आयोजनों के दौरान लोग प्लास्टिक के झंडे का इस्तेमाल नहीं करें।
मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक अधिकारियों और मंत्रालयों के सचिवों को इस बाबत निर्देश जारी कर कहा है कि भारत के ध्वज कोड, 2002 और राष्ट्रीय सम्मान को आघात से बचाने संबंधी कानून 1971 का सख्ती से पालन हो। मंत्रालय ने प्लास्टिक शीट पर तिरंगा बनाने के पर भी आपत्ति की है।
निर्देश में कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज देश के लोगों की आशा और सम्मान का प्रतीक है। लिहाजा इसके सम्मान में किसी तरह की कोताही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। इसके लिए लोगों के बीच बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान और अखबार व टीवी के जरिये विज्ञापन देने की जरूरत है। मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय पर्व के दौरान प्लास्टिक के झंडे की बिक्री और इस्तेमाल को नियंत्रित करने की जरूरत है।
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चूंकि प्लास्टिक पर्यावरण में आसानी से नहीं गलती है लिहाजा इसके इस्तेमाल में काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। निर्देश के मुताबिक लोगों को यह बताने की जरूरत है कि वे प्लास्टिक के झंडे की जगह कागज के झंडे का इस्तेमाल करें। साथ ही इस्तेमाल के बाद इसका रखरखाव भी उसी सम्मान के साथ होना चाहिेए।
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मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक अधिकारियों और मंत्रालयों के सचिवों को इस बाबत निर्देश जारी कर कहा है कि भारत के ध्वज कोड, 2002 और राष्ट्रीय सम्मान को आघात से बचाने संबंधी कानून 1971 का सख्ती से पालन हो। मंत्रालय ने प्लास्टिक शीट पर तिरंगा बनाने के पर भी आपत्ति की है।
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निर्देश में कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज देश के लोगों की आशा और सम्मान का प्रतीक है। लिहाजा इसके सम्मान में किसी तरह की कोताही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। इसके लिए लोगों के बीच बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान और अखबार व टीवी के जरिये विज्ञापन देने की जरूरत है। मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय पर्व के दौरान प्लास्टिक के झंडे की बिक्री और इस्तेमाल को नियंत्रित करने की जरूरत है।
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चूंकि प्लास्टिक पर्यावरण में आसानी से नहीं गलती है लिहाजा इसके इस्तेमाल में काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। निर्देश के मुताबिक लोगों को यह बताने की जरूरत है कि वे प्लास्टिक के झंडे की जगह कागज के झंडे का इस्तेमाल करें। साथ ही इस्तेमाल के बाद इसका रखरखाव भी उसी सम्मान के साथ होना चाहिेए।