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PM Modi: पीएम मोदी बोले- RSS प्रमुख का भाषण प्रेरणादायक, भारत की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की बात कही

Thu, 02 Oct 2025 02:12 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 02 Oct 2025 02:12 PM IST
सार

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयदशमी पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के भाषण को 'प्रेरणादायक' बताया और राष्ट्र निर्माण में संघ के योगदान की सराहना की। नागपुर में भागवत ने हिंदू समाज की एकता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया और भारत की वैश्विक संभावनाओं की बात की। आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई थी और अब यह देश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी संगठन बन चुका है।

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Inspiring address by RSS Chief Bhagwat: PM Narendra Modi
मोहन भागवत, नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई/पीटीआई

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयदशमी के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के भाषण की सराहना की और इसे प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस भाषण में भारत की अंतर्निहित क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की बात कही गई है।
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प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, 'परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का प्रेरणादायक भाषण, जिसमें आरएसएस के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डाला गया और हमारी धरती की अंतर्निहित क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया, जिससे पूरी पृथ्वी को लाभ मिलेगा।' मोदी 1980 के दशक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने से पहले आरएसएस प्रचारक थे।
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आरएसएस प्रमुख ने अपने भाषण में क्या कहा?
गुरुवार को नागपुर में अपने भाषण में आरएसएस प्रमुख ने कहा कि हिंदू समाज की ताकत और चरित्र एकता की गारंटी देते हैं और समुदाय में 'हम और वे' की अवधारणा कभी मौजूद नहीं रही। उन्होंने स्वदेशी (उत्पादों का उपयोग) और स्वावलंबन (आत्मनिर्भरता) का समर्थन किया और कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद अन्य देशों की प्रतिक्रियाओं ने उनकी भारत के साथ मित्रता की प्रकृति और सीमा को बता दिया है। 
 
आरएसएस की स्थापना 1925 में विजयदशमी के दिन ही हुई थी और यह अपने शताब्दी वर्ष का जश्न मना रहा है। आरएसएस कुछ लोगों के साथ शुरू हुआ था। लेकिन अब  यह देश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी संगठन बन चुका है। भाजपा वैचारिक रूप से इस हिंदुत्ववादी संगठन से प्रेरित है। 

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