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Maharashtra: 'लाड़की बहिण योजना के नियमों का पालन नहीं करने वाले अपना नाम वापस लें', राकांपा नेता ने की मांग
Mon, 13 Jan 2025 07:07 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 13 Jan 2025 07:07 PM IST
सार
महाराष्ट्र में लाड़की बहिण योजना के तहत 2.43 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलता है। इससे राज्य के खजाने पर प्रति माह लगभग 3,700 करोड़ रुपये का खर्च आता है।
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राकांपा नेता छगन भुजबल
- फोटो : PTI
विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता छगन भुजबल ने सोमवार को मांग की कि लाड़की बहिण योजना के नियमों का उल्लंघन कर इसका लाभ उठाने वाली महिलाएं अपना नाम वापस ले लें। उन्होंने बताया कि अगर वे ऐसा नहीं करती हैं तो सरकार को उन पर जुर्माना लगाना चाहिए। आर्थिक रूप से वंचित वर्ग की महिलाओं को महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिण योजना के तहत 1,500 रुपये की मासिक नकद सहायता दी जाती है।
नासिक के येओला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकांपा नेता छगन भुजबल ने कहा, "मेरा मानना है कि जो महिलाएं योजना के नियमों का पालन नहीं करती हैं या पात्रता मानदंड पूरा नहीं करती हैं, उन्हें अपना नाम स्वयं वापस ले लेना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो सरकार को उन पर जुर्माना लगाना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि सरकार को अयोग्य महिलाओं से वित्तीय सहायता का भुगतान करने के लिए नहीं कहना चाहिए। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा द्वारा भुजवल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से वे नाराज हैं। बता दें कि महाराष्ट्र में लाड़की बहिण योजना के तहत 2.43 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलता है। इससे राज्य के खजाने पर प्रति माह लगभग 3,700 करोड़ रुपये का खर्च आता है।
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नासिक के येओला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकांपा नेता छगन भुजबल ने कहा, "मेरा मानना है कि जो महिलाएं योजना के नियमों का पालन नहीं करती हैं या पात्रता मानदंड पूरा नहीं करती हैं, उन्हें अपना नाम स्वयं वापस ले लेना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो सरकार को उन पर जुर्माना लगाना चाहिए।"
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उन्होंने आगे कहा कि सरकार को अयोग्य महिलाओं से वित्तीय सहायता का भुगतान करने के लिए नहीं कहना चाहिए। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा द्वारा भुजवल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से वे नाराज हैं। बता दें कि महाराष्ट्र में लाड़की बहिण योजना के तहत 2.43 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलता है। इससे राज्य के खजाने पर प्रति माह लगभग 3,700 करोड़ रुपये का खर्च आता है।
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