पालघर : पीएम किसान योजना में लापरवाही, अब किसानों से कहा- पैसा लौटाएं
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देश के लाखों किसानों पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 7वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इसी सप्ताह सातवीं किश्त की राशि खातों में जमा होने वाली है। वहीं महाराष्ट्र के पालघर में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पहले तो प्रशासन ने किसानों को लाभार्थी बनाकर उनके खाते में पैसा भिजवा दिया, अब इन्हीं में से कई को अयोग्य मानते हुए पैसा वापस करने के लिए कहा जा रहा है।
बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 7वीं किस्त की रकम 25 दिसंबर को किसानों के खातों में आने की संभावना है। ऐसे में महाराष्ट्र के पालघर में जिला प्रशासन की लापरवाही से सरकार किरकिरी हो सकती है।
कारण कि प्रशासन ने उन किसानों से कुल 2.31 करोड़ रुपये लौटाने को कहा है, जिन्होंने अयोग्य होते हुए भी प्रधानमंत्री किसान योजना का लाभ ले लिया था। एक अधिकारी ने सोमवार को जानकारी दी कि किसानों ने अयोग्य होते हुए भी गलती से योजना का लाभ लिया।
खास बात यह भी कि प्रशासन के तकादे के बाद अब तक 239 किसानों ने 22.66 लाख रुपये लौटा दिए हैं जबकि सैकड़ों लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक पैसा नहीं लौटाया है। वहीं प्रशासन ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि योजना के तहत 5,501 लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है और इनमें से 2,049 का सत्यापन किया जा चुका है।
क्या है पीएम किसान योजना
प्रधानमंत्री किसान निधि एक केंद्रीय योजना है, जिसमें सरकार की ओर से 100 फीसदी सहायता दी जाती है। यह योजना 1 दिसंबर, 2018 को लागू हुई। इस योजना के तहत पूरे भारत में सभी किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये की तीन किस्तों में 6,000 रुपये प्रति वर्ष की आय प्रदान की जाती है। फंड सीधे लाभार्थी के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता है।
दिसंबर, 2018 में शुरू की गई पीएम किसान योजना के तहत केंद्र सरकार तीन समान किश्तों में लाभार्थी किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये का नकद लाभ प्रदान करती है। इसकी धनराशि केवल लाभार्थियों के आधार सत्यापित बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती है।