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Cyber Security: इंद्रेश कुमार की साइबर सुरक्षा पर प्रेस वार्ता, साइबर इकोसिस्टम स्थापित करने पर दिया जोर
Fri, 29 Jul 2022 08:40 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 29 Jul 2022 08:40 PM IST
सार
इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के 75वे वर्ष का जश्न मनाते हुए हम एक प्रतिरोधक क्षमता पूर्ण, मजबूत और कुशल राष्ट्रीय साइबर इकोसिस्टम स्थापित करने का संकल्प लें।
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Indresh Kumar (file photo)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हरियाणा भवन में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार ने आज साइबर सुरक्षा पर प्रेस वार्ता को संबोधित किया। साइबर विशेषज्ञ आलोक विजयंत ने साइबर क्षेत्र की बारीकियों से मीडिया को अवगत करवाया। फैंस (FANS) के संगठन महामंत्री माननीय गोलोक बिहारी राय ने ग्राउंड जीरो नाम का कांफ्रेंस 05-06 अगस्त आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में करने की घोषणा की। इन्होंने बताया दो दिनों तक आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में तकनीकी एवं गैर तकनीकी विषयों पर सेमिनार चलेंगे।
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साइबर का क्षेत्र लगभग पूर्ण विषम प्रकृति के साथ युद्ध के पांचवें क्षेत्र के रूप में उभरा है। जहां एक ओर इसने हमारे जीवन को आसान बना दिया है और एक वैश्विक दुनिया से जोड़ दिया है, जो विद्युत की गति से दुनिया भर में संसार को सक्षम करने वाले ऑप्टिकल फाइबर के फ्रेम के साथ जुड़ा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ यह बीते कुछ वर्षों में राजकीय और गैर-राजकीय आपराधिक गतिविधियों के लिए खेल का मैदान बन गया है। भौतिक दुनिया के विकार अब साइबर क्षेत्र में अधिक परिष्कार के साथ दिखाई दे रहे हैं जो वैश्विक कल्याण और शांति के नीतियों और प्रक्रियाओं के कार्यान्वयन में एक अवरोध बन गए हैं।
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साइबर क्षेत्र की पूर्ण विषम प्रकृति, गैरजिम्मेदारी, भौगोलिक सीमाओं की गैर बाध्यता और आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता की कमी, इस को एक बहुत ही शक्तिशाली और घातक हथियार प्रदान करती है, जो दोधारी तलवार की तरह है। भारत की आजादी के 75वे वर्ष का जश्न मनाते हुए हम एक प्रतिरोधक क्षमता पूर्ण, मजबूत और कुशल राष्ट्रीय साइबर इकोसिस्टम स्थापित करने का संकल्प लें। “साइबर इकोसिस्टम" का आधार होने के कारण सूचना को इसके उपयोग, अधिकार और उपलब्धता के संदर्भ में समझने की आवश्यकता है, जहां डेटा संप्रभुता और डेटा अधिकार वैश्विक सूचना प्रभुत्व के लिए अंतर्निहित विचार की प्रक्रिया है।
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हमने गत वर्षों में कई साइबर हमले देखे हैं और लगातार और भी सामने आ रहे हैं। दुनिया में सबसे बड़ी युवा शक्ति और बुद्धिमान आईटी बल होने के बावजूद हमारे पास अभी भी आईटी में वैश्विक शक्ति बनने का संकल्प नहीं है। "ग्राउंड जीरो शिखर सम्मेलन" इस दिशा में हमारा संकल्प है कि हम अपने देशवासियों के बीच इसके बारे में सहयोग और ज्ञान साझा करने के लिए जागरूकता पैदा करें, ताकि एक "रिंग ऑफ फायर" बनाया जा सके जो हमारी मातृभूमि को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी बाहरी खतरे को नष्ट करने में सक्षम हो।
हम शून्य के जनक हैं इस क्षेत्र के विकास में हमारे पूर्वजों के योगदान को समझने की जरूरत है। "ग्राउंड जीरो शिखर सम्मेलन" की अवधारणा आईटी मानव संसाधनों को एक साथ एकीकृत करके और वैश्विक शक्ति बनने के संकल्प के साथ हर साल एक सम्मेलन करने के लिए की गई है। राष्ट्र की सुरक्षा, जो कि हमारा सर्वोपरि लक्ष्य है, वह कल्याणकारी-राज्य निवारक प्रणालियों और विश्वसनीय शासन की तिपाई पर आधारित है। साइबर क्षेत्र के लक्ष्य सुनिश्चित करने में रचनात्मक रूप से सम्मिलित होने के सभी गुण है, इसके साथ ही प्रक्रियाओं को बाधित करने और नाकाम करने की जबरदस्त क्षमता है। साइबर क्षेत्र के हथियार निरंकुश तरीके से उपलब्ध हैं और अज्ञात रूप से इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इसीलिए यह विभिन्न राष्ट्रों और उनके क्षेत्रीय, वैश्विक गठबंधनो के लिए एक बड़ी चुनौती है।
अतः एक राष्ट्र के रूप में हमें साइबर अटैक से निपटने के लिए जागरूक, सतर्क और क्रियाशील रहना चाहिए। इस दिशा में हम 5 - 6 अगस्त 2022 को साइबर सुरक्षा प्रोफेशनल, निर्णयकर्ता, रक्षा विशेषज्ञ, कॉरपोरेट्स और नवोदित युवा नेटीज़ की एक श्रृंखला के साथ, डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में साइबर महोत्सव का जश्न मनाने और एक साथ आने का संकल्प लेने के लिए एकत्रित होंगे-एक प्रतिरोधक क्षमता पूर्ण और उदीयमान डिजिटल भारत बनाने के लिए।
सशक्त भारत ! आत्मनिर्भर भारत !! श्रेष्ठ भारत !!!