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Indrani Mukerjea: इंद्राणी मुखर्जी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दाखिल की याचिका, जेल में दंगे से जुड़ा मामला रद्द करने की मांग
Mon, 30 May 2022 05:42 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 30 May 2022 05:42 PM IST
सार
हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में इंद्राणी मुखर्जी ने दावा किया कि उसे परेशान करने और प्रताड़ित करने के मकसद से मामले में फंसाया गया है।
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इंद्राणी मुखर्जी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
हाल ही में अपनी बेटी शीना बोरा की कथित तौर पर हत्या के मामले में जमानत पर बाहर आईं पूर्व मीडिया कारोबारी इंद्राणी मुखर्जी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इसमें उनके खिलाफ जेल में दंगा करने और पुलिस को उनके कर्तव्य में बाधा डालने के आरोप में दर्ज एक और मामले को रद्द करने की मांग की गई है। शीना बोरा हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के बाद मुखर्जी 20 मई को भायखला महिला जेल से बाहर आ गईं। उन्होंने लगभग सात साल जेल में बिताए।
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24 जून 2017 को भायखला जेल में दर्ज हुआ था मामला
इंद्राणी मुखर्जी ने अपने वकील सना रईस खान के माध्यम से 19 मई को उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसमें उनके खिलाफ 24 जून, 2017 को मुंबई पुलिस द्वारा भायखला जेल में एक दंगे की घटना के बाद दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई है। सह-कैदी मंजुला शेट्टी की जेल अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर पिटाई के बाद दंगा भड़क गया था, जिसके बाद महिला की मौत हो गई थी। मुखर्जी पर कैदियों को चिल्लाने और पुलिस अधिकारियों पर प्लेट और बर्तन फेंकने के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था। हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में मुखर्जी ने दावा किया कि उसे परेशान करने और प्रताड़ित करने के मकसद से मामले में फंसाया गया है।
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इंद्राणी मुखर्जी ने 19 मई को याचिका दायर की थी जिसमें कहा गया है कि वह न तो कथित हमले का हिस्सा थीं और न ही वह जेल में कोई अनावश्यक उपद्रव पैदा करने में शामिल थीं। उनपर लगे आरोप फर्जी और अस्पष्ट हैं। उनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं और इसमें स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हाई कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, याचिका पर 1 जून को सुनवाई होने की संभावना है।
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