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Indigo: इंडिगो कर्मचारी ने लगाया वरिष्ठों पर जातिवादी बर्ताव का आरोप; एफआईआर के बाद विमानन कंपनी ने दी सफाई
Mon, 23 Jun 2025 02:37 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 23 Jun 2025 02:37 PM IST
सार
इंडिगो के कर्मचारी ने आरोप लगाया कि 28 अप्रैल को गुरुग्राम में बैठक के दौरान इंडिगो के अधिकारियों ने उसके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। उसके साथ जाति-आधारित मौखिक दुर्व्यवहार और भेदभाव किया गया। साथ ही धमकियां दी गईं। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके बाइ इंडिगो ने सफाई दी।
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इंडिगो फ्लाइट
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो के एक कर्मचारी ने अपने तीन वरिष्ठों पर जातिवादी बर्ताव करने का आरोप लगाया है। कर्मचारी ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि कंपनी की एक बैठक के दौरान सीनियर्स ने उसको जातिवादी गालियां दीं। मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं एफआईआर दर्ज होने के बाद विमानन कंपनी ने इंडिगो ने सफाई दी। कंपनी ने कहा कि शिकायत में किए गए दावे निराधार हैं और वह जरूरत पड़ने पर जांच में पुलिस का सहयोग करेगी।
इंडिगो के कर्मचारी बंगलूरू के शरण ए (35) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह आदि द्रविड़ समुदाय से है। यह एक अनुसूचित जाति है। कार्यस्थल पर उसे कई बार जाति-आधारित टिप्पणियां झेलनी पड़ीं। बंगलूरू पुलिस को दी शिकायत में कर्मचारी ने कहा कि 28 अप्रैल को गुरुग्राम में बैठक के दौरान इंडिगो के अधिकारी तपस डे, मनीष साहनी और कैप्टन राहुल पाटिल ने उसके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की।
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कर्मचारी ने कहा कि उसके साथ जाति-आधारित मौखिक दुर्व्यवहार और भेदभाव किया गया। साथ ही धमकियां दी गईं। मुझे सबके सामने अपमानित किया गया। शिकायत में कहा कि इससे पहले भी मुझे लगातार उत्पीड़न और भेदभावपूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ा था। मुझे बिना किसी दोष या सबूत के कई चेतावनी पत्र जारी किए गए। वेतन में कटौती, बिना किसी वैध कारण के बीमारी की छुट्टी में कटौती, कर्मचारियों की यात्रा और एसीएम विशेषाधिकार रद्द कर दिए गए। आरोपियों ने मुझ पर इस्तीफा देने का भी दबाव बनाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि 28 अप्रैल की बैठक के दौरान मैंने इंडिगो के सीईओ और एथिक्स कमेटी को इस बारे में जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर बंगलूरू पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की। अफसरों ने बताया कि घटना गुरुग्राम में हुई थी, इसलिए बंगलूरु पुलिस ने मामले को गुरुग्राम पुलिस को सौंप दिया।
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अफसरों ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस ने रविवार को डीएलएफ फेज 1 थाने में एफआईआर दर्ज कर ली। थाना प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच चल रही है। हम तथ्यों की पुष्टि कर रहे हैं और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इंडिगो ने खारिज किए आरोप
आरोपों का खंडन करते हुए इंडिगो ने कहा कि वह किसी भी प्रकार के भेदभाव, उत्पीड़न और पक्षपात के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति रखता है। समावेशी और सम्मानजनक कार्यस्थल होने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता ने कहा कि इंडिगो इन निराधार दावों का दृढ़ता से खंडन करता है। निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और जवाबदेही के अपने मूल्यों पर कायम है। साथ ही जरूरत पड़ने पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपना सहयोग प्रदान करेगा।
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इंडिगो के कर्मचारी बंगलूरू के शरण ए (35) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह आदि द्रविड़ समुदाय से है। यह एक अनुसूचित जाति है। कार्यस्थल पर उसे कई बार जाति-आधारित टिप्पणियां झेलनी पड़ीं। बंगलूरू पुलिस को दी शिकायत में कर्मचारी ने कहा कि 28 अप्रैल को गुरुग्राम में बैठक के दौरान इंडिगो के अधिकारी तपस डे, मनीष साहनी और कैप्टन राहुल पाटिल ने उसके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की।
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कर्मचारी ने कहा कि उसके साथ जाति-आधारित मौखिक दुर्व्यवहार और भेदभाव किया गया। साथ ही धमकियां दी गईं। मुझे सबके सामने अपमानित किया गया। शिकायत में कहा कि इससे पहले भी मुझे लगातार उत्पीड़न और भेदभावपूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ा था। मुझे बिना किसी दोष या सबूत के कई चेतावनी पत्र जारी किए गए। वेतन में कटौती, बिना किसी वैध कारण के बीमारी की छुट्टी में कटौती, कर्मचारियों की यात्रा और एसीएम विशेषाधिकार रद्द कर दिए गए। आरोपियों ने मुझ पर इस्तीफा देने का भी दबाव बनाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि 28 अप्रैल की बैठक के दौरान मैंने इंडिगो के सीईओ और एथिक्स कमेटी को इस बारे में जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर बंगलूरू पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की। अफसरों ने बताया कि घटना गुरुग्राम में हुई थी, इसलिए बंगलूरु पुलिस ने मामले को गुरुग्राम पुलिस को सौंप दिया।
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अफसरों ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस ने रविवार को डीएलएफ फेज 1 थाने में एफआईआर दर्ज कर ली। थाना प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच चल रही है। हम तथ्यों की पुष्टि कर रहे हैं और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इंडिगो ने खारिज किए आरोप
आरोपों का खंडन करते हुए इंडिगो ने कहा कि वह किसी भी प्रकार के भेदभाव, उत्पीड़न और पक्षपात के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति रखता है। समावेशी और सम्मानजनक कार्यस्थल होने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता ने कहा कि इंडिगो इन निराधार दावों का दृढ़ता से खंडन करता है। निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और जवाबदेही के अपने मूल्यों पर कायम है। साथ ही जरूरत पड़ने पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपना सहयोग प्रदान करेगा।
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