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FIA: 'वैश्विक मानकों के अनुरूप नहीं', तीन एयरलाइन ने केबिन क्रू के आराम से जुड़े मसौदा नियमों पर जताई आपत्ति
Wed, 11 Feb 2026 10:48 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 11 Feb 2026 10:48 PM IST
सार
FIA: देश की तीन बड़ी एयरलाइन ने केबिन क्रू के आराम से जुड़े डीजीसीए के नए मसौदा नियमों पर आपत्ति जताई है। इन एयराइलन का कहना है कि ये मसौदा नियम केबिन क्रू के लिए ज्यादा कड़े हैं और वैश्विक मानकों के अनुरूप भी नहीं हैं।
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एअर इंडिया, इंडिगो
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइसजेट ने बुधवार को कहा कि चालक दल के सदस्यों के आराम को लेकर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नए प्रस्तावित नियम दुनिया के मानकों की तुलना में ज्यादा कड़े हैं। इन नियमों के कारण एयरलाइन को अपनी उड़ानों के संचालन में ज्यादा आसानी नहीं होगी।
डीजीसीए ने अक्तूबर 2025 में अपने नए प्रस्तावित नागरिक विमानन नियम (सीएआर) जारी किए थे। ये नियम चालक दल के सदस्यों के काम और आराम करने के समय की सीमा (एफडीटीएल) से जुड़े हैं।
भारतीय एयरलाइंस महासंघ (एफआई) ने डीजीसीए को कई सुझाव दिए हैं। यह महासंघ इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करता है। एफआईए ने कहा कि ये नियम वैश्विक स्तर पर सामस्यपूर्ण, सबूतों पर आधारित और व्यवहारिक होने चाहिए।
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एफआईए का तर्क क्या है?
एफआईए की मुख्य दलील यह है कि चालक दल के सदस्यों के काम करने की अवधि (फ्लाइट ड्यूटी पीरियड) को सबसे अहम मानदंड माना चाहिए, केवल उड़ान का समय नहीं। इससे कर्मचारियों की रोजमर्रा की थकान को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा। आमतौर पर उड़ान में ड्यूटी की अवधि तब शुरू होती है, जब चालक दल (केबिन क्रू) को अपने काम करने के लिए हाजिर होना होता है। यह तब समाप्त होती है, जतब वह सभी ड्यूटी से मुक्त हो जाता है।
ये भी पढ़ें: Supreme Court: जाइडस की सस्ती कैंसर दवा पर सुप्रीम कोर्ट का रोक लगाने से इनकार; TDB के पूर्व सचिव को निर्देश
केबिन क्रू के आवास को लेकर सुझाव दिए
एफआईए ने कहा कि नए मसौदा सीएआर नियमों में एयरलाइन को संचालन में ज्यादा सुविधा नहीं मिल रही है और कर्मचारियों की थकान से जुड़ी सभी समस्याओं का सही तरीके से नहीं संभाला गया है। केबिन क्रू के रहने की सुविधा के लिए भी एफआईए ने सुझाव दिया है। एफआईए ने कहा कि कमरे इस तरह होने चाहिए कि कर्मचारियों को आराम अच्छी तरह मिल सके और दो लोग एक कमरे में रह सकते हैं, लेकिन यह एयरलाइन के दिशानिर्देशों के अनुसार होना चाहिए।
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डीजीसीए ने अक्तूबर 2025 में अपने नए प्रस्तावित नागरिक विमानन नियम (सीएआर) जारी किए थे। ये नियम चालक दल के सदस्यों के काम और आराम करने के समय की सीमा (एफडीटीएल) से जुड़े हैं।
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भारतीय एयरलाइंस महासंघ (एफआई) ने डीजीसीए को कई सुझाव दिए हैं। यह महासंघ इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करता है। एफआईए ने कहा कि ये नियम वैश्विक स्तर पर सामस्यपूर्ण, सबूतों पर आधारित और व्यवहारिक होने चाहिए।
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एफआईए का तर्क क्या है?
एफआईए की मुख्य दलील यह है कि चालक दल के सदस्यों के काम करने की अवधि (फ्लाइट ड्यूटी पीरियड) को सबसे अहम मानदंड माना चाहिए, केवल उड़ान का समय नहीं। इससे कर्मचारियों की रोजमर्रा की थकान को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा। आमतौर पर उड़ान में ड्यूटी की अवधि तब शुरू होती है, जब चालक दल (केबिन क्रू) को अपने काम करने के लिए हाजिर होना होता है। यह तब समाप्त होती है, जतब वह सभी ड्यूटी से मुक्त हो जाता है।
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केबिन क्रू के आवास को लेकर सुझाव दिए
एफआईए ने कहा कि नए मसौदा सीएआर नियमों में एयरलाइन को संचालन में ज्यादा सुविधा नहीं मिल रही है और कर्मचारियों की थकान से जुड़ी सभी समस्याओं का सही तरीके से नहीं संभाला गया है। केबिन क्रू के रहने की सुविधा के लिए भी एफआईए ने सुझाव दिया है। एफआईए ने कहा कि कमरे इस तरह होने चाहिए कि कर्मचारियों को आराम अच्छी तरह मिल सके और दो लोग एक कमरे में रह सकते हैं, लेकिन यह एयरलाइन के दिशानिर्देशों के अनुसार होना चाहिए।
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