स्पेक्ट्रम की सबसे बड़ी नीलामी, पहले दिन 53 हजार करोड़ की बोली
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देश में अब तक की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी के पहले दिन शनिवार को प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनियों ने 53,531 करोड़ रुपये की बोली लगाई। हालांकि 700 और 900 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम के लिए पहले दिन कोई खरीदार आगे नहीं आया। इस नीलामी के तहत कुल 2,345.55 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की बोली लगेगी। सात बैंडों में नीलाम की जाने वाली स्पेक्ट्रम की बेस प्राइस 5.63 लाख करोड़ रखी गई है।
शनिवार की नीलामी के दौरान कुल पांच राउंड के बाद 53,531 करोड़ रुपये की बोली लगी। इस नीलामी में बोली लगाने वाली कंपनियों में भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया सेल्यूलर और नई खिलाड़ी रिलायंस जियो शामिल हैं। तीन अन्य कंपनियां, एयरसेल, रिलायंस कम्यूनिकेशंस और टाटा टेलीसर्विसेज भी बोली लगाने वालों में शामिल थीं। नीलामी सोमवार को भी जारी रहेगी।
दूरसंचार सचिव जे एस दीपक ने नीलामी की जानकारी देते हुए कहा कि अब टेलीकॉम सर्विस की गुणवत्ता प्रभावित होने की समस्या इतिहास की बात हो जाएगी। उन्होंने ऑपरेटरों से ज्यादा से ज्यादा स्पेक्ट्रम खरीद कर रख लेने की सलाह दी क्योंकि अगले कुछ सालों तक इसकी नीलामी होने की संभावना नहीं है।
पांच राउंड की नीलामी हुई
दूरसंचार मंत्रालय के मुताबिक पांच राउंड की नीलामी के दौरान ऑपरेटरों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड में दिखाई। इस फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल 2जी और 4जी सर्विसेज के लिए किया जा सकता है।
ऑपरेटरों ने 2100 (3जी/4जी) , 2500 (4जी), 2300 (4जी), 800 मेगाहर्ट्ज (2जी /4जी) के बैंडों में भी दिलचस्पी दिखाई। सबसे ज्यादा सक्रियता 1800 मेगाहर्ट्ज में दिखाई दी। इसके लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, गुजरात और यूपी (ईस्ट और वेस्ट) समेत 22 टेलीकॉम सर्किलों में से 19 में बोलियां लगीं।