World Wi-Fi Day: भारत का वैश्विक डिजिटल लेनदेन में 46% योगदान, 2035 तक 1.8 लाख करोड़ होगा वाई-फाई बाजार
केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम की ओर से आयोजित विश्व वाई-फाई दिवस सम्मेलन में इस बात का खुलासा किया। उन्होंने डिजिटल समावेशन में भारत की तीव्र प्रगति की सराहना की, और कहा कि भारत अब वैश्विक डिजिटल लेनदेन में 46 प्रतिशत का योगदान देता है।
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भारत में 2035 तक वाई-फाई का बाजार 22 अरब डॉलर (करीब 1.8 लाख करोड़ रुपये) का हो जाएगा, जो देश की डिजिटल यात्रा में एक परिवर्तनकारी पड़ाव होगा। इससे देश में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और अन्य डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा। केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम की ओर से आयोजित विश्व वाई-फाई दिवस सम्मेलन में इस बात का खुलासा किया।
वाई-फाई को अदृश्य शक्ति बताते हुए, सिंधिया ने डिजिटल समावेशन में भारत की तीव्र प्रगति की सराहना की, उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक डिजिटल लेनदेन में 46 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी अब एक विलासिता नहीं है, बल्कि सशक्तिकरण का एक बुनियादी साधन है। वाई-फाई केवल इंटरनेट एक्सेस के बारे में नहीं है, यह भविष्य में भारत में व्यापक समावेश के बारे में है। हर हॉटस्पॉट को एक आशा का केंद्र बनना चाहिए। सिंधिया ने पीएम-वानी (वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस) के पीछे प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को एक गेम-चेंजर बताते हुए कहा, यह विशेष रूप से गांवों में डिजिटल एक्सेस का लोकतंत्रीकरण करता है।
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भारत में एक जीबी डाटा की कीमत लगभग 9 रुपये
भारत के कम लागत वाले डेटा मॉडल की सफलता का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में एक जीबी डाटा लगभग 9 रुपये है, जबकि दुनिया में इसकी कीमत औसतन 2.49 डॉलर (करीब 214 रुपये) है। उन्होंने दूरसंचार सामर्थ्य में भारत के नेतृत्व की प्रशंसा की।
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एक या दो कंपनियों का अधिकार न हो
सिंधिया ने कहा, देश में इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। एक या दो कंपनियों अधिकार नहीं होना चाहिए। सिंधिया ने कहा, वर्तमान में, भारतीय दूरसंचार क्षेत्र पर भारती एयरटेल और रिलायंस जियो का दबदबा है जो सक्रिय रूप से 4जी और 5जी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। आने वाले दिनों में देश में नई कंपनियों की भी सेवाएं मिलेंगी। 6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के हाल ही में लाइसेंस रद्द करने पर कहा कि यह कदम पूरे भारत में मल्टी-गीगाबिट स्पीड और कम लागत वाले डिजिटल हाईवे को सक्षम करेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए नीति नियमों की घोषणा स्वतंत्रता दिवस 2025 से पहले की जाएगी।
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