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दिल्ली आतंकी हमला: कोलकाता में दीवार पर लिखा नफरती संदेश, क्या बोला भारतीय सांख्यिकी संस्थान?
Thu, 13 Nov 2025 07:32 PM IST
देवेश त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Thu, 13 Nov 2025 07:32 PM IST
सार
दरवाजे के एक ओर पहले से ही एक नोट लगा था कि कुत्तों का परिसर में प्रवेश वर्जित है। इसी के साथ समुदाय विशेष के नाम पर दो शब्द लिखे गए थे। इसी तरह का एक और संदेश पास की दीवार पर भी लिखा हुआ पाया गया।
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दिल्ली आतंकी हमले के बाद कोलकाता के शिक्षण संस्थान में लिखे नफरत भरे संदेश
- फोटो : isical.ac.in
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विस्तार
कोलकाता के प्रतिष्ठित भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) में एक समुदाय के खिलाफ नफरत भरे संदेशों वाली ग्राफिटी सामने आई। अधिकारियों ने गुरुवार (13 नवंबर, 2025) को इस घटना की निंदा करने के लिए एक आंतरिक नोटिस जारी किया। दिल्ली में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद आईएसआई के पुरुष छात्रावास के पास दो ग्राफिटी देखी गईं।
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दरवाजे के एक ओर पहले से ही एक नोट लगा था कि कुत्तों का परिसर में प्रवेश वर्जित है। इसी के साथ समुदाय विशेष के नाम पर दो शब्द लिखे गए थे। इसी तरह का एक और संदेश पास की दीवार पर भी लिखा हुआ पाया गया। छात्रों और शोधकर्ताओं ने इस मामले में नफरत भरे संदेश लिखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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आईएसआई की निदेशक संघमित्रा बंदोपाध्याय ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि संस्थान हमेशा से ही बहुतलतावादी परंपराओं के लिए खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अपने हितधारकों में बिना किसी लिंग-आधारित, धार्मिक और भाषाई भेदभाव के खिलाफ शैक्षणिक और शोध की उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया है.
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उन्होंने कहा कि हम इस मामले में शामिल शख्स या समूह को खोजने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर परीक्षाएं खत्म होने के बाद हम इसमें शामिल पाए गए लोगों की काउंसलिंग करेंगे और सुधार के लिए अन्य उपाय भी अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि आईएसआई का गौरवाशाली इतिहास रहा है और यहां इस तरह की कोई प्रथा या परंपरा नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि अगर कुछ गुमराह लोगों ने ये कृत्य किया है तो वे आईएसआई परिवार का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। यह एक अपवाद है और उम्मीद है कि ऐसा दोबारा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस कृत्य की निंदा करने और ऐसे किसी अन्य नफरत से भरे पोस्टर पर प्रतिबंध लगाने के लिए संस्थान के आंतरिक ग्रुप में अपलोड किया जा रहा है।
आईएसआई की निदेशक ने कहा कि जिस इलाके में ये नफरत भरा संदेश लिखा गया था, वो पूरी तरह से सीसीटीवी की कवरेज में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि हम उस हिस्से की फुटेज की जांच कर रहे हैं।