फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian scientists prepared world first disaster hospital under Project Bhishma

भीष्म प्रोजेक्ट: भारत ने बनाया दुनिया का पहला आपदा अस्पताल, आठ मिनट में मिलेगा इलाज

Mon, 28 Aug 2023 04:11 AM IST
शिव शरण शुक्ला परीक्षित निर्भय
परीक्षित निर्भय Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 28 Aug 2023 04:11 AM IST
सार

यह एक ऐसा आपदा अस्पताल है, जिसमें ऑपरेशन थियेटर से लेकर एक्सरे और रक्त नमूनों की जांच के लिए प्रयोगशाला और वेंटिलेटर तक शामिल हैं। इसे आरोग्य मैत्री का नाम दिया है और बॉक्स को आरोग्य मैत्री क्यूब नाम दिया है।

विज्ञापन
Indian scientists prepared world first disaster hospital under Project Bhishma
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र - फोटो : pixabay

विस्तार

भारत के वैज्ञानिकों ने प्रोजेक्ट भीष्म के तहत विश्व का पहला आपदा अस्पताल तैयार किया है जो पूरी तरह स्वदेशी है। कहीं भी आपदा होने पर इस अस्पताल को महज आठ मिनट में तैयार कर मरीजों का इलाज शुरू किया जा सकता है। 720 किलो के 36 बॉक्स में इसका सारा सामान आ जाता है, जिसे हेलिकॉप्टर से नीचे फेंकने पर भी बॉक्स नहीं टूटते हैं और न ही पानी का असर होता है।
विज्ञापन


पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीष्म प्रोजेक्ट की घोषणा की, जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने एक भीष्म टास्क फोर्स का गठन किया। इसके प्रमुख एयर वाइस मार्शल तन्मय राय ने बताया, यह एक ऐसा आपदा अस्पताल है, जिसमें ऑपरेशन थियेटर से लेकर एक्सरे और रक्त नमूनों की जांच के लिए प्रयोगशाला और वेंटिलेटर तक शामिल हैं। इसे आरोग्य मैत्री का नाम दिया है और बॉक्स को आरोग्य मैत्री क्यूब नाम दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का आपदा अस्पताल अब तक का सबसे अनूठा मॉडल है, जिसे दूसरे देशों में निर्यात के लिए बनाया है और जो पूरी तरह सौर ऊर्जा और बैटरी पर संचालित है। अभी तक के अध्ययन बताते हैं कि किसी भी आपदा में करीब दो फीसदी लोगों को गंभीर चिकित्सा सेवा की तत्काल जरूरत पड़ती है।
विज्ञापन


डेढ़ करोड़ लागत 
एक अस्पताल को तैयार करने में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आती है। भारत तीन देशों को ये अस्पताल निशुल्क देगा। सरकार जल्द ही इसकी घोषणा करेगी।

सामान्य व्यक्ति भी जान सकेगा बॉक्स में क्या सामान
विंग कमांडर मनीष ने बताया कि बॉक्स में एक टैबलेट भी है। इसे चालू करने के बाद बॉक्स पर लगे क्यूआर कोड को एक गन कैमरे से स्कैन करते ही पता चल जाएगा कि अंदर क्या-क्या सामान है? उसकी उत्पादन और एक्सपायरी डेट क्या है? टैबलेट पर वीडियो भी हैं। उदाहरण के तौर पर कहीं आपदा होती है और बॉक्स में फ्रैक्चर का सामान रखा है तो डॉक्टर के आने से पहले एक सामान्य व्यक्ति भी बॉक्स को खोल पूरा सामान निकल सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


छोटे-छोटे बॉक्स में पूरा अस्पताल
  •  लोहे के तीन फ्रेम हैं, प्रत्येक फ्रेम में 12 छोटे बॉक्स हैं। यानी कुल 36 बॉक्स में सारा सामान है।
  •  तीनों फ्रेम के बीच में एक छोटा जेनरेटर लगा हुआ है।
  •  फ्रेम के ऊपर दो स्ट्रेचर भी हैं जो ऑपरेशन थियेटर में बिस्तर का काम कर सकते हैं।
  •  प्रत्येक बॉक्स के अंदर भारत निर्मित दवा, उपकरण और खाद्य सामग्री है।
  •  पेन एंटीबायोटिक किट, शॉक किट, चेस्ट इंजरी किट, एयरवे किट और ब्लीडिंग किट मौजूद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed