Indian Railways: राजधानी-वंदे भारत के बराबर कमाई कर रहीं ये ट्रेनें, 10 माह में कमाकर दिए 22 करोड़ रुपये
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भारतीय रेलवे हर दिन देशभर में 10 हजार से अधिक यात्री ट्रेनों का संचालन करता है। देशभर में हर दिन इन ट्रेनों के जरिए करीब 2 करोड़ से अधिक यात्री सफर करते हैं। इनमें कुछ ट्रेनें ऐसी भी हैं जिनका इस्तेमाल यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के साथ ही सफर का आनंद उठाने के लिए भी करते हैं।
सेंट्रल रेलवे अपने यात्रियों के लिए ऐसे ही विस्टाडोम कोच वाली ट्रेन चलाती है। चाहे मुंबई गोवा रूट पर घाटियों, नदियों और झरनों का मनमोहक दृश्य हो या मुंबई-पुणे रूट पर वेस्टर्न घाट के शानदार नजारे, चौड़ी खिड़कियों और ग्लॉस टॉप वाले ये कोच लोगों को बहुत पसंद आते हैं।
सेंट्रल रेलवे ने बताया कि अप्रैल 2023 से जनवरी 2024 के दौरान विस्टाडोम कोच से 1,47,429 लोगों ने सफर किया, जिससे रेलवे को 21.95 करोड़ रुपये का रेवेन्यू प्राप्त हुआ है। इसी तरह 11007/11008 मुंबई-पुणे-मुंबई डेक्कन एक्सप्रेस 99.50 फीसदी यानी 26,269 यात्रियों की ऑक्यूपेंसी के साथ सबसे आगे है। इसके बाद 12125/12126 मुंबई-पुणे-मुंबई प्रगति एक्सप्रेस है, जिसमें 99.17 फीसदी यानी 26,183 यात्री ऑक्यूपेंसी के साथ है।
वहीं, 12051/12052 सीएसएमटी-मडगांव-सीएसएमटी जनशताब्दी एक्सप्रेस 97.13 फीसदी यानी 25,644 यात्रियों की ऑक्यूपेंसी के साथ, 12123/12124 मुंबई-पुणे-मुंबई डेक्कन क्वीन 94.8 फीसदी यानी 25,030 यात्रियों की ऑक्यूपेंसी के साथ, 22119/22120 मुंबई-करमली- मुंबई तेजस एक्सप्रेस 91.02 फीसदी यानी 24,031 यात्रियों की ऑक्यूपेंसी के साथ और 12025/12026 पुणे-सिकंदराबाद-पुणे शताब्दी एक्सप्रेस 76.78 फीसदी यानी 20,272 यात्रियों की ऑक्यूपेंसी के साथ चल रही हैं।
इसी तरह 22119/22120 मुंबई-करमली-मुंबई तेजस एक्सप्रेस 18 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ सबसे आगे है, इसके बाद 12051/12052 सीएसएमटी-मडगांव-सीएसएमटी जनशताब्दी एक्सप्रेस है, जिसका राजस्व 5.14 करोड़ रुपये है। 12025/12026 पुणे-सिकंदराबाद-पुणे शताब्दी एक्सप्रेस 4.16 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ, 12123/12124 मुंबई-पुणे-मुंबई डेक्कन क्वीन 2.29 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ, 12125/12126 मुंबई-पुणे-मुंबई प्रगति एक्सप्रेस 2.29 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ 2.20 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ 11007/11008 मुंबई-पुणे-मुंबई डेक्कन एक्सप्रेस 1.98 करोड़ रुपये का राजस्व के साथ चल रही हैं।
रेलवे ने विस्टाडोम कोच पहली बार 2018 में मुंबई-मडगांव जनशताब्दी एक्सप्रेस में सीआर पर पेश किए गए थे। यात्रियों की भारी मांग के कारण, मुंबई-मडगांव रूट पर दूसरा विस्टाडोम कोच 15 सितंबर 2022 से तेजस एक्सप्रेस से जोड़ा गया था।
इन कोचों की अपार लोकप्रियता के कारण 26 जून 2021 से मुंबई-पुणे डेक्कन एक्सप्रेस में इन कोचों की शुरुआत की गई और यात्रियों की मांग को देखते हुए, मुंबई-पुणे रूट पर दो और विस्टाडोम कोच 15 अगस्त 2021 से डेक्कन क्वीन से जोड़े गए। प्रगति एक्सप्रेस में दिनांक 25 जुलाई 2022 से और साथ ही पुणे-सिकंदराबाद शताब्दी एक्सप्रेस में भी दिनांक 10 अगस्त 2022 से एक विस्टाडोम कोच है।
इन विस्टाडोम कोच में कांच की छत के अलावा कई अन्य विशेषताएं हैं। जैसे चौड़ी शीशे वाली खिड़कियां, एलईडी लाइटें, घूमने वाली सीटें और पुशबैक कुर्सियां, विद्युत चालित स्वचालित स्लाइडिंग कंपार्टमेंट दरवाजे, दिव्यांगों के लिए चौड़े साइड स्लाइडिंग दरवाजे, सिरेमिक टाइल फर्श के साथ शौचालय आदि की सुविधा मिलती है।