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भारतीय रेलवे ने दक्षिण भारत से दिल्ली के बीच चलाई पहली किसान रेल, किसानों को होगा मुनाफा

Thu, 10 Sep 2020 04:36 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 10 Sep 2020 04:36 AM IST
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indian railways ran kisan rail between south india to delhi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

किसानों की आय को दोगुनी करने की कोशिश में लगी केंद्र सरकार ने बुधवार को एक काम और बढ़ाया। किसानों की उपज समय से बाजार में पहुंच सके इसके लिए भारतीय रेलवे ने दक्षिण भारत के अनंतपुरम से नई दिल्ली की आजादपुर मंडी के बीच पहली ‘किसान रेल’ का संचालन शुरू कर दिया है।

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बुधवार को केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हरी झंडी दिखा कर ट्रेन को रवाना किया।  इस समारोह में रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी भी मौजूद रहे।
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ट्रेन में 322 टन फल लदे हुए हैं। 14 पार्सल वैन वाली यह ट्रेन 40 घंटे में 2150 किमी की दूरी तय करेेगी। 14 पार्सल वैन में से नागपुर के लिए 04 वैन लोड और आदर्श नगर के लिए 10 वैन हैं। अभी इस दूरी को सड़क से तय करने में लगभग तीन से चार दिन लगते हैं। ऐसे में किसानों के फल और सब्जियां बड़ी मात्रा में खराब हो जाते हैं।
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 देश की दूसरी और दक्षिण भारत की पहली किसान रेल से बागवानी से जुड़े लोगों को फायदा होगा। उनकी उपज कम समय में बाजार में पहुंच सकेगी। मौजूदा परिवहन प्रणाली में ट्रकों के माध्यम से होने वाली ढुलाई से किसानों को 25 फीसदी करीब 300 करोड़ रुपये सालाना का नुकसान होता था।

किसान रेल को अभी सप्ताह में एक  बार चलाने की योजना है, लेकिन अक्तूबर के बाद जैसे ही फसल कटाई में तेजी आएगी उसके मुताबिक जनवरी से मांग के मुताबिक ट्रेन के फेरे में बढ़ोतरी की जा सकती है।

इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा, किसान रेल देश की अर्थव्यवस्था के विकास में सार्थक भूमिका का निर्वाह करेगी। किसान रेल चलने से किसानों की उपज को देश में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में खासी सहूलियत होगी।

अनंतपुरम में दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फल एवं सब्जी का उगाई जाती हैं, ऐसे में इस क्षेत्र के किसानों के लिए यह ट्रेन काफी लाभदायक रहेगी।  जिले के 58 लाख मीट्रिक टन फलों और सब्जियों का 80 फीसदी से अधिक राज्य से बाहर बेचा जाता है, खासकर उत्तर भारतीय राज्यों दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में। उन्होंने कहा, जल्द ही किसान उड़ान सेवा की भी शुरुआत की जाएगी।


इसके साथ ही तोमर ने कहा कि आंध्र में मुख्यमंत्री कृषि के क्षेत्र पर ध्यान दे रहे है। केंद्र सरकार द्वारा लागू दो नए अध्यादेश तथा एक लाख करोड़ के कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड का भी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मालूम हो कि इससे पहले सात अगस्त को महाराष्ट्र के देवलाली से बिहार के दानापुर के बीच पहली किसान रेल की शुरुआत की गई थी।

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