अब सफर के दौरान मिलेगा ताजा खाना: त्योहारी सीजन के बाद ट्रेनों में शुरू हो सकती है पेंट्री सेवा
अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, इस महीने के अंत में यात्री सुविधा समिति की बैठक होनी है। इसमें खाना समेत बाकी सुविधाओं को दोबारा से शुरू करने को लेकर चर्चा होगी। इस बैठक में रेलवे बेस किचन, ऑन बोर्ड कैटरिंग सेवा शुरू करने पर निर्णय लिया जा सकता है। इस सर्विस को फिर से शुरू करने को लेकर विभाग और मंत्रालय को एक प्रेजेटेंशन भी दिया गया है...
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भारतीय रेल में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर हैं। अब जल्द ही ट्रेनों में खाना समेत बाकि सुविधाएं पहले की तरह जल्द शुरू हो सकती हैं। अगले कुछ दिनों में यात्री सुविधा कमेटी की बैठक होने जा रही है। इसमें यात्री सुविधा को लेकर कई बड़े फैसले हो सकते हैं। ट्रेनों मे कोरोना की पहली लहर के बाद से ही खानपान सेवा पर रोक लगी हुई है। करीब 18 माह बाद इसे दोबारा शुरू करने पर विचार किया जा सकता है।
जल्द यात्री सुविधा समिति की बैठक
अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, इस महीने के अंत में यात्री सुविधा समिति की बैठक होनी है। इसमें खाना समेत बाकी सुविधाओं को दोबारा से शुरू करने को लेकर चर्चा होगी। इस बैठक में रेलवे बेस किचन, ऑन बोर्ड कैटरिंग सेवा शुरू करने पर निर्णय लिया जा सकता है। इस सर्विस को फिर से शुरू करने को लेकर विभाग और मंत्रालय को एक प्रेजेटेंशन भी दिया गया है।
आईआरसीटीसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ट्रेनों में पहले की तरह खाना शुरु करने को लेकर 25 या 26 अक्तूबर को बैठक होने जा रही है। इसमें आईआरसीटीसी के बेस किचन को फिर से शुरु करने को लेकर एक प्रपोजल रखा जाएगा। ट्रेनों में खाने की ये सुविधाएं पहले की तरह ही होगी। इसके लिए यात्रियों को अलग से कोई बुकिंग नहीं करना होगी। प्रीमियम ट्रेनों में टिकट के साथ ही खाने की सुविधा उपलब्ध होगी। जबकि अन्य ट्रेनों मे यात्री पहले की तरह रकम चुका कर पेंट्री से खाना ले सकेंगे।
कैटरिंग से आईआरसीटीसी को 1000 करोड़ रुपये की आय
कोरोना काल में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे बोर्ड के निर्देश पर आईआरसीटीसी ने ट्रेनों में रेडी टू ईट फूड मुहैया करवाने की शुरुआत की थी। लेकिन अधिकांश यात्रियों को रेडी टू ईट फूड पसंद नहीं आ रहा था। जिसकी शिकायतें कई बार आईआरसीटीसी को भी मिली है। आईआरसीटीसी के पास कैंटरिंग और टूरिज्म का कोर बिजनेस है। कैटरिंग से आईआरसीटीसी को करीब 1000 करोड़ रुपये की आय होती है। आईआरसीटीसी ट्रेनों में ऑन कैटरिंग सेवा उपलब्ध कराता है। आईआरसीटीसी 19 राजधानी, 2 तेजस, 1 गतिमान, 1 वंदे भारत, 22 शताब्दी, 19 दूरंतो और 296 मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में पैंट्री सुविधा देती है।
कोरोना महामारी के चलते पिछले साल 2020 मार्च में ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। फिर जून जुलाई में परिचालन दोबारा शुरू किया गया। हालांकि, रेलवे ने अपने कई नियमों में बदलाव के साथ ट्रेनों को शुरू किया था। इसी बदलाव में ट्रेनों में यात्रियों को खाना नहीं सर्व करने का फैसला किया गया था। फिर रेलवे ने पैसेंजर्स ट्रेन में ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने की इजाजत दे दी थी।