Indian Railways: 100 रुपये कमाने के लिए रेलवे खर्च कर रहा 98.10 रुपये, खरगे के सवाल पर रेल मंत्री ने बताई वजह
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में रेल मंत्रालय में पूछा कि क्या रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो पहले से बुरी स्थिति में जा पहुंचा है। इसके जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साल 2018-19 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो 97.30 फीसदी था, जो कि 2021-22 में कोरोना महामारी के कारण प्रभावित हुआ था...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और ये देश में ट्रांसपोर्टेशन के सबसे बड़े साधन में से एक है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रेलवे की कमाई कितनी होती है और पैसे कमाने के लिए रेलवे को कितना खर्च करना पड़ता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में बताया कि हर 100 रुपये कमाने के लिए रेलवे को 98.10 रुपये खर्च करना पड़ते हैं। दरअसल, साल 2022-23 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो 98.10 फीसदी था।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में रेल मंत्रालय में पूछा कि क्या रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो पहले से बुरी स्थिति में जा पहुंचा है। इसके जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साल 2018-19 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो 97.30 फीसदी था, जो कि 2021-22 में कोरोना महामारी के कारण प्रभावित हुआ था। हालांकि 2022-23 में ये सुधार कर 98.10 फीसदी हो चुका है। जिसका मतलब है कि हर 100 रुपये कमाने के लिए रेलवे को 98.10 रुपये खर्च करने होते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे कांग्रेस की यूपीए-2 के समय रेल मंत्री भी रह चुके हैं।
पिछले पांच साल का 'ऑपरेटिंग रेश्यो'
| 2018-19 | 97.30 फीसदी |
| 2019-20 | 98.36 फीसदी |
| 2020-21 | 97.45 फीसदी |
| 2021-22 | 107.39 फीसदी |
| 2022-23 | 98.10 फीसदी |
(साल 2019.20 और 2020.21 में कोरोना महामारी के कारण रेलवे ने पेंशन निधि में कम विनियोग किया था)
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे ने टकराव रोधी उपकरण कवच के कार्यान्वयन के लिए अब तक कुल 798-98 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन में से 321-85 करोड़ रुपये का उपयोग किया है। इससे पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष में अब तक 40 फीसदी से अधिक फंड का उपयोग किया जा चुका है।