इंडोनेशिया: लापता पनडुब्बी को खोजने में मदद करेगी भारतीय नौसेना की डीएसआरवी, विशाखापट्टनम से रवाना
इंडियन नेवी की तरफ से बृहस्पतिवार को कहा गया कि अपनी लापता पनडुब्बी को खोज निकालने में इंडोनेशियाई नौसेना का साथ देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
विस्तार
इंडोनेशिया में प्रशिक्षण अभियान के दौरान बुधवार को बाली द्वीप के नजदीक से गायब हुई पनडुब्बी केआरआई नानग्गला 402 की खोज के लिए भारतीय नौसेना के डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हिकल (डीएसआरवी) को विशाखापट्टनम से भेजा गया। भारतीय नौसेना की तरफ से बृहस्पतिवार को कहा गया कि लापता पनडुब्बी को खोज निकालने में इंडोनेशियाई नौसेना की मदद के लिए यह कदम उठाया गया है।
बता दें, इंडोनेशिया की सेना ने बुधवार को बताया था कि बाली द्वीप के करीब एक पनडुब्बी लापता हो गई है, जिसमें 53 लोग सवार थे और इंडोनेशियाई नौसेना तलाशी अभियान में जुटी है। सेना प्रमुख हादी जहजंतो ने कहा कि केआरआई नानग्गला 402 बुधवार को एक प्रशिक्षण अभियान में हिस्सा ले रही थी जब लापता हो गई। उन्होंने कहा कि माना जा रहा है पनडुब्बी बाली के उत्र में करीब 95 किलोमीटर दूर गायब हो गई।
Indian Navy’s Deep Submergence Rescue Vessel (DSRV) has been sent from Visakhapatnam to support the Indonesian Navy in search & rescue efforts for their missing submarine KRI Nanggala: Indian Navy
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(File pic of DSRV) pic.twitter.com/XdXGyiU1kB — ANI (@ANI) April 22, 2021
तलाशी अभियान में ऑस्ट्रेलिया से भी ली जा रही मदद
सेना प्रमुख हादी जाहजंतो ने कहा कि नौसेना ने पनडुब्बी की तलाश के लिए इलाके में जंगी पोत तैनात किए हैं। इस काम के लिए सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया से भी मदद गई मांगी है जिनके पास पनडुब्बी सहायता वाहन हैं। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया कि नौसेना का मानना है कि पनडुब्बी समुद्र तल में 700 मीटर की गहराई में डूब गई है। अभी इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि पनडुब्बी क्यों लापता हुई।
इंडोनेशिया की नौसेना के बेड़े में पांच पनडुब्बियां मौजूद
उल्लेखनीय है कि जर्मनी में बनी यह पनडुब्बी 1980 के दशक से नौसेना की सेवा में है और गुरुवार को होने वाले प्रक्षेपास्त्र दागने के एक अभ्यास के लिए तैयारी कर रही थी। इस अभ्यास में सेना प्रमुख और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल होने वाले थे। बताते चलें कि इंडोनेशिया की नौसेना के बेड़े में अभी कुल पांच पनडुब्बियां मौजूद हैं और उसकी योजना साल 2024 तक इनकी संख्या बढ़ाकर आठ करने की है।