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Pune: नेवी चीफ ने किया रक्षा विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन, बोले- 2047 तक आत्मनिर्भर बन जाएगी भारतीय नौसेना
Mon, 19 Feb 2024 09:17 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: गुलाम अहमद
Updated Mon, 19 Feb 2024 09:17 PM IST
सार
नौसेना प्रमुख ने कहा, भारतीय नौसेना आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने सरकार से वादा किया है कि हम 2047 तक पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन जाएंगे और इसके लिए हमें उद्योग की मदद की आवश्यकता होगी।
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नौसेना प्रमुख एडमिरल आर रवि कुमार
- फोटो : ANI
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विस्तार
इंडियन नेवी चीफ एडमिरल आर हरि कुमार ने सोमवार को महाराष्ट्र के पुणे में विभिन्न रक्षा परियोजनाओं पर काम करने वाले निबे डिफेंस एंड एयरोस्पेस के विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट भी मौजूद थे। इस अवसर एडमिरल कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना 2047 तक आत्मनिर्भर बन जाएगी। साथ ही उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने में उद्योग से मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता का मतलब हर जहाज, पनडुब्बी, विमान और हथियार प्रणाली का भारत में निर्माण करना है।
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नौसेना प्रमुख ने कहा, भारतीय नौसेना आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने सरकार से वादा किया है कि हम 2047 तक पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन जाएंगे और इसके लिए हमें उद्योग की मदद की आवश्यकता होगी। नौसेना प्रमुख ने कहा, यह सुविधा आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप देश में अपनी हथियार प्रणाली बनाने की हमारी क्षमता को मजबूत कर रही है।
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भारत की मेजबानी में 50 देशों के नौसैनिक दिखाएंगे अपना रणकौशल
भारत की मेजबानी में विशाखापट्टनम में करीब 50 देशों की नौसेनाएं सबसे बड़े सैन्य अभ्यास मिलन-24 में अपना रणकौशल दिखाएंगी। 9 दिवसीय यह अभ्यास लाल सागर में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं समेत अस्थिर भ-राजनीतिक माहौल के बीच हो रहा है। 27 फरवरी तक चलने वाले मिलन अभ्यास के 12वें संस्करण में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलयेशिया समेत अन्य देशों की नौसेनाएं हिस्सा ले रही हैं। इसका मकसद समान विचारधारा वाले देशों के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना है। यह अभ्यास मित्र देशों से 15 युद्धपोतों और एक समुद्री गश्ती विमान के आगमन के साथ सोमवार को शुरू हुआ। भारतीय नौसेना से विमानवाहक पोत विक्रांत और विक्रमादित्य समेत करीब 20 पोत और मिग 29के, हल्के लड़ाकू विमान तेजस और पी-8आई लंबी दूरी के समुद्री टोही और पनडुब्बी रोधी युद्धक विमान सहित लगभग 50 विमान अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
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मिलन एक द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास है जो भारत की ‘लुक ईस्ट’ नीति के अनुरूप इंडोनेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और थाईलैंड की भागीदारी के साथ 1995 में शुरू हुआ था। अभ्यास का बंदरगाह चरण 19 से 23 फरवरी तक है। विभिन्न जटिल अभ्यास और युद्धाभ्यास वाला समुद्री चरण 24 से 27 फरवरी तक होगा। नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि औपचारिक उद्घाटन समारोह बुधवार को होगा। बंदरगाह चरण में उद्घाटन समारोह, अंतरराष्ट्रीय सिटी परेड, अंतरराष्ट्रीय समुद्री सेमिनार, मिलान टेक एक्सपो और टेबल टॉप अभ्यास सहित अन्य शामिल हैं। समुद्री चरण के दौरान नौसेनाएं उन्नत वायु रक्षा, पनडुब्बी रोधी और सतह रोधी युद्ध अभ्यास करेंगी। हवाई और सतही लक्ष्यों पर गनरी शूट, युद्धाभ्यास भी होगा।