भारतीय नौसेना ने दो दिवसीय रक्षा अभ्यास में समुद्री तैयारियों की समीक्षा की
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भारतीय नौसेना ने दो दिन के एक व्यापक रक्षा अभ्यास में शांति से लेकर युद्धकाल तक की आपात स्थितियों समेत समुद्री क्षेत्र में मौजूद सभी संभावित चुनौतियों से निपटने की भारत की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि इस रक्षा अभ्यास के दायरे में देश का 7,516 किलोमीटर का तटीय क्षेत्र और विशेष आर्थिक क्षेत्र शामिल था।
उन्होंने बताया कि द्विवार्षिक अखिल भारतीय तटीय रक्षा अभ्यास ‘सी विजिल -21’ का दूसरा संस्करण 12-13 जनवरी को आयोजित किया गया। भारतीय नौसेना ने बताया कि सभी हितधारकों के इसमें पूरी निष्ठा से हिस्सा लेने से अभ्यास के ‘‘परिकल्पित उद्देश्य’’ पूरे किए गए।
अभ्यास में पूरे तटीय सुरक्षा तंत्र और भारतीय नौसेना तथा तटरक्षक बल के जमीन पर तैनात 110 से अधिक आयुध को शामिल किया गया, जिससे यह अभी तक सबसे व्यापक अभ्यास बन गया। नौसेना ने एक बयान में कहा कि सी विजिल के वैचारिक और भौगोलिक विस्तार में देश का पूरा तट और विशेष आर्थिक क्षेत्र शामिल था और इसमें शांति से लेकर युद्ध-काल तक की आपात स्थितियों में उत्पन्न हो सकने वाली चुनौतियों की समीक्षा की गई।
भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने मुंबई आतंकवादी हमले के बाद भारत की तटीय सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कई उपाय किए हैं। पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर किए हमले में 166 से अधिक लोग मारे गए थे, जिसमें 10 देशों के 28 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। ‘सी विजिल -21’ के तहत पहला अभ्यास जनवरी 2019 में किया गया।
Mumbai: Officers and veterans of the Armed Forces lay wreath at 'Gaurav Stambh' - a monument to commemorate Victory at Sea and a tribute to all deployed personnel of the Western Naval Command - on Veterans' Day today. pic.twitter.com/0voNJKtWRP
— ANI (@ANI) January 14, 2021
इसके अलावा सशस्त्र बलों के अधिकारियों और दिग्गजों ने गौरव स्तंभ पर माल्यार्पण किया। गौरव स्तंभ एक स्मारक है जो समुद्र के विजय उपलक्ष्य में बनाया गया था, वहीं यह स्तंभ पश्चिमी नौसेना कमान के सभी तैनात कर्मियों को श्रद्धांजलि देता है।