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Navy: 'समुद्री सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध, एमवी रुएन जहाज को लुटेरों से बचाने पर बोले भारतीय नौसेना प्रमुख

Mon, 18 Mar 2024 03:05 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Mon, 18 Mar 2024 03:05 PM IST
सार

भारतीय नौसेना ने 35 सोमालियाई लुटेरों को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने के बाद नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हम उन सभी संदिग्ध जहाजों की जांच कर रहे हैं जिनके पास समुद्री डकैती का ट्रिगर है। समुद्री सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध भारतीय नौसेना ने कई जहाज तैनात कर दिए हैं

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Indian Navy Chief  Admiral R. Hari Kumar said that piracy suddenly resurfaced about three or four months back
भारतीय नौसेना प्रमुख आर हरि कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : X/@airnewsalerts

विस्तार

बीते कुछ दिनों पहले भारतीय नौसेना ने 35  सोमालियाई लुटेरों को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने के बाद नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह सतत अभियान है। लंबे समय से 2008 से समुद्री डकैती विरोधी अभियानों में मौजूद रहे हैं। 
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पिछले कुछ महीनों में बढ़ी समुद्री डकैती- हरि कुमार
पत्रकारों से बातचीत करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि पिछले कुछ तीन या चार महीने पहले अचानक फिर से समुद्री डैकती में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन समुद्री सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध भारतीय नौसेना ने कई जहाज तैनात कर दिए हैं। हम उन सभी संदिग्ध जहाजों की जांच कर रहे हैं जिनके पास समुद्री डकैती का ट्रिगर है। समुद्री डकैती को रोकने के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी है।
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समुद्री सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध- हरि कुमार
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि हम समुद्री सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर हैं। इसलिए हमें पता चल जाता है कि एमवी रुएन जैसे जहाजों का समुद्री डाकू इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तरह की हरकतों के कारण हमनें कई जहाज तैनात कि हैं। अपने ऑपरेशन के लिए प्रतिबद्ध नौसेना ने समुद्री डकैतों के जहाज को रोका, हालांकि उस बाद उन्होंने आत्मसमर्पण कर लिया। गौरतलब है कि जहाज पर 17 कर्मियों का दल मौजूद था, जिसमें बुल्गारिया, मंगोलिया और म्यामांर के नागरिक मौजूद थे। अब जहाज को उसके अगले बंदरगाह वापस भेजा जा रहा है। 


आईएनएस कोलकाता ने घेरा समुद्री लुटेरों को
लगातार कार्रवाई के जरिए आईएनएस कोलकाता ने सभी 35 समुद्री लुटेरों को घेर लिया और उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूत किया। बिना किसी नुकसान के चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया गया था।आईएनएस कोलकाता ने भारतीय तट से लगभग 1400 एनएम (2600 किमी) दूर समुद्री लुटेरों के जहाज रुएन को रोक लिया था और आईएनएस सुभद्रा, हेल आरपीए, पी8आई समुद्री गश्ती विमान और मार्कोस प्रहार वायु सेना द्वारा की गई कार्रवाई के जरिए समुद्री लुटेरों के जहाज को रुकने के लिए मजबूर किया था।
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