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Internet War: एलन मस्क, टाटा और मित्तल की अंबानी से हो सकती है इंटरनेट जंग, कई कंपनियां उत्सुक
Mon, 26 Jun 2023 06:06 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 26 Jun 2023 06:06 AM IST
सार
मस्क चाहते हैं कि उनका स्टारलिंक पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले उपग्रहों से भारत में वायरलेस इंटरनेट को प्रसारित करे। हालांकि, उनका समूह जिस लाइसेंस व्यवस्था का समर्थन कर रहा है, उसकी वजह से उन्हें रिलायंस के साथ मुकाबला करना पड़ सकता है।
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तेजी से बदल रहा है इंटरनेट का संसार (फाइल)
- फोटो : BBC
विस्तार
भारतीय बाजार अब अरबपतियों के ‘इंटरनेट जंग’ का नया ठिकाना बन सकता है। इसमें एक तरफ एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति एवं रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी होंगे, तो दूसरा खेमा दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शामिल टेस्ला के मालिक एलन मस्क का होगा। दूसरे खेमे में टाटा और सुनील भारती मित्तल भी शामिल हो सकते हैं।
दरअसल, मस्क चाहते हैं कि उनका स्टारलिंक पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले उपग्रहों से भारत में वायरलेस इंटरनेट को प्रसारित करे। हालांकि, उनका समूह जिस लाइसेंस व्यवस्था का समर्थन कर रहा है, उसकी वजह से उन्हें रिलायंस के साथ मुकाबला करना पड़ सकता है।
पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मस्क ने 21 जून को कहा कि वह भारत में स्टारलिंक की शुरुआत करना चाहते हैं। इस सेवा की मदद से बुनियादी ढांचे की कमी वाले दूरदराज के गांवों में इंटरनेट को पहुंचाया जा सकता है।
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कई कंपनियां उत्सुक
सीएलएसए ने कहा, भारत की अंतरिक्ष आधारित संचार सेवा (एसएस) के लिए कई कंपनियां उत्सुक हैं। सरकार ने 2010 से 77 अरब डॉलर के मोबाइल स्पेक्ट्रम की नीलामी की है।
नीलामी से विदेशी कंपनियों को मिलेगा निवेश का मौका
सरकार में कुछ लोगों का मानना है कि नीलामी सबसे अच्छा रास्ता है। इससे विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश का मौका मिलेगा।
मस्क चाहते हैं...भारत केवल सेवा का दे लाइसेंस, सिग्नल स्पेक्ट्रम या एयरवेव्स की न हो नीलामी।
रिलायंस चाहती है...विदेशी उपग्रह सेवा प्रदाताओं को वॉयस-डाटा सेवाएं देने के लिए हो स्पेक्ट्रम की नीलामी।
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दरअसल, मस्क चाहते हैं कि उनका स्टारलिंक पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले उपग्रहों से भारत में वायरलेस इंटरनेट को प्रसारित करे। हालांकि, उनका समूह जिस लाइसेंस व्यवस्था का समर्थन कर रहा है, उसकी वजह से उन्हें रिलायंस के साथ मुकाबला करना पड़ सकता है।
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पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मस्क ने 21 जून को कहा कि वह भारत में स्टारलिंक की शुरुआत करना चाहते हैं। इस सेवा की मदद से बुनियादी ढांचे की कमी वाले दूरदराज के गांवों में इंटरनेट को पहुंचाया जा सकता है।
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कई कंपनियां उत्सुक
सीएलएसए ने कहा, भारत की अंतरिक्ष आधारित संचार सेवा (एसएस) के लिए कई कंपनियां उत्सुक हैं। सरकार ने 2010 से 77 अरब डॉलर के मोबाइल स्पेक्ट्रम की नीलामी की है।
नीलामी से विदेशी कंपनियों को मिलेगा निवेश का मौका
सरकार में कुछ लोगों का मानना है कि नीलामी सबसे अच्छा रास्ता है। इससे विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश का मौका मिलेगा।
मस्क चाहते हैं...भारत केवल सेवा का दे लाइसेंस, सिग्नल स्पेक्ट्रम या एयरवेव्स की न हो नीलामी।
रिलायंस चाहती है...विदेशी उपग्रह सेवा प्रदाताओं को वॉयस-डाटा सेवाएं देने के लिए हो स्पेक्ट्रम की नीलामी।