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Congress: इस्राइली फर्म द्वारा भारत के चुनावों को किया गया था प्रभावित? कांग्रेस ने की जांच की मांग

Thu, 16 Feb 2023 06:48 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Thu, 16 Feb 2023 06:48 PM IST
सार

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्राइल की टीम जॉर्ज,  जिस पर दुनिया भर में 30 से अधिक चुनावों में हस्तक्षेप करने का आरोप है, को भारत सहित कई देशों में नकली सोशल मीडिया अभियान संचालित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है।

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Indian elections influenced by Israeli firm? Congress seeks probe
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

इस्राइल की एक कॉन्ट्रैक्टर्स की टीम द्वारा दुनिया के 30 से ज्यादा देशों के चुनाव में हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि इस्राइली एजेंसी भारत में हैकिंग और फेक न्यूज के जरिए चुनावों में हेर-फेर कर रही है। भारत में इसके तार किससे जुड़े हैं? इसकी जांच होनी चाहिए।

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गुरुवार को पार्टी की ओर से की गई प्रेसवार्ता में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत ने इस्राइली एजेंसी कथित इस्तेमाल की जांच की मांग की और सरकार से इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ने को कहा। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर भारतीयों के डेटा से समझौता करने का आरोप भी लगाया। 
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एक दिन पहले सामने आई थी रिपोर्ट 
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्राइल की टीम जॉर्ज,  जिस पर दुनिया भर में 30 से अधिक चुनावों में हस्तक्षेप करने का आरोप है, को भारत सहित कई देशों में नकली सोशल मीडिया अभियान संचालित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है। श्रीनेत ने कहा, हमने भारत में एक पैटर्न देखा है। हम चाहते हैं कि सरकार अपनी चुप्पी तोड़े और बताए कि देश में लोकतंत्र को बचाने में उसका क्या योगदान रहा है।
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उन्होंने कहा, भारत की चुनावी प्रक्रिया में इसका सीधा असर पड़ रहा है और इसकी जांच होनी चाहिए। 


भारतीयों के डेटा से हो रहा समझौता 
इस दौरान पवन खेड़ा ने कहा, अगर सरकार इस मामले में कुछ नहीं कर रही है, तो इसका मतलब है कि वह देश के लोकतंत्र और चुनावों में हस्तक्षेप करने के लिए विदेशी फर्मों से मदद मांग रही है। भारतीयों के डेटा को एक विदेशी फर्म को सौंपकर समझौता किया जा रहा है। श्रीनेत ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब नरेंद्र मोदी सरकार पर डेटा चोरी के आरोप लगाए गए हैं।

क्या है पूरा मामला? 
ब्रिटिश अखबार द गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल के कॉन्ट्रैक्टर्स की एक टीम ने दुनिया में 30 ज्यादा चुनावों में हेरफेर की। ऐसा उन्होंने हैकिंग, सोशल मीडिया के जरिए दुष्प्रचार और चुनाव प्रक्रिया में रुकावट डाल कर किया। कॉन्ट्रैक्टर्स की इस टीम के संचालक 50 वर्षीय ताल हनान हैं, जो तेल अवीव में रहते हैं। वे इस्राइल के एक स्पेशल फोर्स के पूर्व कर्मचारी हैं। वे छद्म नाम ‘जोर्ज’ से काम काम करते हैं। उन्होंने विभिन्न देशों में चुनावों को प्रभावित किया है, लेकिन अब तक पकड़ में आने से बचे रहे हैं।

आईसीजे ने किया बेनकाब 
इंटरनेशनल कॉन्जर्टियम ऑफ जर्नलिस्ट्स (आईसीजे) ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है। हनान की यूनिट कोड नेम (गुप्त नाम) टीम जोर्ज के तहत काम करती है। आईसीजे ने अपने दस्तावेज द गार्जियन के साथ साझा किया है। द गार्जियन ने हनन से संपर्क किया, तो उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है।

आईसीजे ने बताया है कि टीम जोर्ज चुनावों में हेरफेर की सेवा देती है। यह टीम कॉरपोरेटे ग्राहकों के लिए भी काम करती है। आईसीजे के अंडरकवर (खुफिया) रिपोर्टर ने जब हनन से बात की, तो उन्होंने अपनी कार्य-प्रणाली की बारीक जानकारियां उसे दीं। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दल और कॉरपोरेट ग्राहक अक्सर जनमत को उनके माफिक ढालने के लिए टीम जोर्ज की सेवा लेते हैं। इसकी सेवा अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका आदि महाद्वीपों में ली गई है।


टीम जोर्ज सॉफ्टवेयर पैकेज, एडवांस्ड इम्पैक्ट मीडिया सोल्यूशंस (एम्स) आदि की सेवाएं भी देती है। उसने ट्विटर, लिंक्डइन, फेसबुक, टेलीग्राम, जी-मेल, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि पर हजारों फेक सोशल मीडिया एकाउंट बना रखे हैं। इसके अलावा उसने क्रेडिट कार्ड्स, बिटकॉइन वॉलेट और एआईआरएनबी पर अमेजन एकाउंट भी बना रखे हैं।

इस एजेंसी को बेनकाब करने के लिए आईसीजे की जिस टीम ने काम किया, उसमें 30 से ज्यादा मीडिया हाउसों के पत्रकार जुड़े थे। इनमें गार्जियन के अलावा, ला मोंद, डेर स्पीगर, एल पाइस आदि शामिल हैं। यह इन्वेस्टीगेशन दुष्प्रचार के आधुनिक उद्योग को बेनकाब करने के आईसीजे एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इन्वेस्टीगेशन के दौरान पत्रकारों ने खुफिया कैमरों से शूटिंग की। उन्होंने संभावित ग्राहक बन कर टीम जोर्ज से संपर्क किया।

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