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कर्नाटक: मछुआरों के लिए देवदूत बने भारतीय तटरक्षक बल, अरब सागर में 11 दिन से नाव में फंसे 31 लोगों को बचाया
Sun, 26 Oct 2025 05:03 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 26 Oct 2025 05:03 PM IST
सार
भारतीय तटरक्षक मुख्यालय संख्या 3 (कर्नाटक) को 24 अक्तूबर को गोवा की मछली पकड़ने वाली भारतीय नाव (आईएफबी) संत एंटोन-I के लापता होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही आईसीजी ने एक खोज और बचाव
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भारतीय तटरक्षक बल (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला / एजेंसी
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विस्तार
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने अरब सागर में फंसे 31 मछुआरों की जान बचाई है। ये मछुआरे 11 दिनों से नाव में फंसे हुए थे। नाव के स्टीयरिंग गियर में अचानक खराबी के चलते और खराब मौसम की वजह से अरब सागर में काफी दूर तक बहती चली गई थी।
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आईसीजी के मुताबिक, भारतीय तटरक्षक मुख्यालय संख्या 3 (कर्नाटक) को 24 अक्तूबर को गोवा की मछली पकड़ने वाली भारतीय नाव (आईएफबी) संत एंटोन-I के लापता होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही आईसीजी ने एक खोज और बचाव
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रेस्क्यू के लिए उतारा गया डोर्नियर विमान
(एसएआर) अभियान शुरू किया। इस नाव को आखिरी बार न्यू मैंगलोर से लगभग 100 समुद्री मील दूर होने की सूचना मिली थी। आईसीजी ने पहले से ही नियमित गश्त कर रहे आईसीजीएस कस्तूरबा गांधी गश्ती पोत को आखिरी बार देखी गई संकटग्रस्त नाव की जगह की तरफ रवाना कर दिया। इसके साथ ही, कोच्चि से एक तटरक्षक डोर्नियर विमान लापता नाव का पता लगाने भेजा गया।
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तटरक्षक बल ने एकीकृत परिचालन केंद्र और वास्तविक समय के मौसम संबंधी आंकड़ों से नाव के संभावित बहाव की योजना बनाकर गश्ती जहाज को उस तरफ रवाना किया। इस बीच डोर्नियर विमान ने इस नाव को अरब सागर में खोज निकाला और आईसीजीएस कस्तूरबा गांधी गश्ती जहाज ने नाव के पास पहुंचकर रसद सहायता, क्षति का आकलन, स्टीयरिंग सिस्टम की मौके पर मरम्मत की।
इसके बाद आईसीजी तटरक्षक जहाज ने इस संकटग्रस्त आईएफबी संत एंटोन-I को एक अन्य आईएफबी को सौंप दिया ताकि उसे सुरक्षित तरीके मछली पकड़ने वाले बंदरगाह होन्नावर तक ले जाया जा सके। इस बचाव अभियान ने आईसीजी के आदर्श वाक्य 'हम रक्षा करते हैं'को सही साबित कर दिखाया।