{"_id":"676c06d9eb66a2a9d40c296c","slug":"indian-citizens-need-to-adopt-nation-first-mentality-says-vice-president-jagdeep-dhankhar-news-in-hindi-2024-12-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Telangana: 'भारत के नागरिकों को राष्ट्र पहले मानसिकता अपनाने की आवश्यकता', तेलंगाना में बोले उपराष्ट्रपति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Telangana: 'भारत के नागरिकों को राष्ट्र पहले मानसिकता अपनाने की आवश्यकता', तेलंगाना में बोले उपराष्ट्रपति
Wed, 25 Dec 2024 06:51 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 25 Dec 2024 06:51 PM IST
सार
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र में मुद्दों को सुलझाने का एकमात्र तरीका बातचीत है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत पर जोर दिया।
विज्ञापन
जगदीप धनखड़
- फोटो : X/Jagdeep Dhankhar
विस्तार
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने तेलंगाना के मेडक में जैविक किसानों के एक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने नागरिकों को भारत की प्रगति को स्वीकार करने के लिए राष्ट्र पहले मानसिकता अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में समस्याओं का एकमात्र समाधान बातचीत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत पर जोर दिया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा, "आज मैं देख रहा हूं कि किसान अपने मुद्दों को लेकर परेशान हैं। यदि समाज का कोई भी वर्ग परेशान है तो उसका सकारात्मक समाधान करना आवश्यक है। लोकतंत्र में मुद्दों को सुलझाने का एकमात्र तरीका बातचीत है। मैंने कई मौकों पर इस बात पर जोर भी दिया।" उन्होंने आगे कहा, "दुनिया में जो आग लगी है, उसका एकमात्र समाधान बातचीत ही है।"
जगदीप धनखड़ ने जोर देकर कहा कि देश के खिलाफ ताकतों को हराने के लिए प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रवाद में अटूट विश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा, "हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। मैं अपने चारों ओर भारत की प्रगति को रोकने वाली शक्तियों का अनुभव करता हूं।" उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी ताकतें एक कहानी शुरू करती हैं जो बाद में आंदोलन का रूप ले लेती है। उन्होंने इस स्थिति में नागरिकों से राष्ट्रवाद में अटूट विश्वास बनाए रखनेकाआह्वान किया।
विज्ञापन
किसान सम्मान निधि में हो बदलाव, कृषि अनुसंधान परिषद को और बेहतर काम करने की जरूरत
उपराष्ट्रपति ने आईसीएआर के 8,000 करोड़ से ज्यादा के बजट का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या इससे किसानों उन्होंने कहा कि हमने कृषि और कृषि विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर रोजाना 100 किसान भी इन संस्थानों से जुड़ें तो बड़ा बदलाव आ सकता है। इससे भारतीय किसान दुनिया के सबसे बेहतरीन किसान बन सकते हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य में किसानों की भूमिका अहम
उपराष्ट्रपति ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में किसानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय आठ गुना बढ़ाने के लिए किसानों की भलाई जरूरी है। किसान दिवस की रजत जयंती पर उन्होंने आईसीएआर और कृषि विज्ञान केंद्रों से किसानों की जरूरतों को समझने और उनके लिए काम करने का आह्वान किया। धनखड़ ने पीएम किसान सम्मान निधि और उर्वरक सब्सिडी के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ रही है, लेकिन ये सब्सिडी स्थिर है। इसमें बदलाव की जरूरत है। उपराष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि इस सब्सिडी को सीधे किसानों के खातों में भेजने के तरीके तलाशने चाहिए।
राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करने का किया आह्वान
उपराष्ट्रपति ने देश की तरक्की में बाधा डालने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भारत की प्रगति से जलते हैं और विरोध करते हैं। ऐसे में हर भारतीय का फर्ज है कि वह राष्ट्रवाद के प्रति दृढ़ रहे। उन्होंने राष्ट्र पहले, मेरा देश पहले की भावना से काम करने की अपील की। धनखड़ ने ग्रामीण विकास और किसान उत्थान को देश की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का जल्द और सही समाधान होना चाहिए। उनका मानना है कि बातचीत ही लोकतंत्र में समस्याओं का हल है।
विज्ञापन
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा, "आज मैं देख रहा हूं कि किसान अपने मुद्दों को लेकर परेशान हैं। यदि समाज का कोई भी वर्ग परेशान है तो उसका सकारात्मक समाधान करना आवश्यक है। लोकतंत्र में मुद्दों को सुलझाने का एकमात्र तरीका बातचीत है। मैंने कई मौकों पर इस बात पर जोर भी दिया।" उन्होंने आगे कहा, "दुनिया में जो आग लगी है, उसका एकमात्र समाधान बातचीत ही है।"
विज्ञापन
जगदीप धनखड़ ने जोर देकर कहा कि देश के खिलाफ ताकतों को हराने के लिए प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रवाद में अटूट विश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा, "हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। मैं अपने चारों ओर भारत की प्रगति को रोकने वाली शक्तियों का अनुभव करता हूं।" उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी ताकतें एक कहानी शुरू करती हैं जो बाद में आंदोलन का रूप ले लेती है। उन्होंने इस स्थिति में नागरिकों से राष्ट्रवाद में अटूट विश्वास बनाए रखनेकाआह्वान किया।
विज्ञापन
किसान सम्मान निधि में हो बदलाव, कृषि अनुसंधान परिषद को और बेहतर काम करने की जरूरत
उपराष्ट्रपति ने आईसीएआर के 8,000 करोड़ से ज्यादा के बजट का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या इससे किसानों उन्होंने कहा कि हमने कृषि और कृषि विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर रोजाना 100 किसान भी इन संस्थानों से जुड़ें तो बड़ा बदलाव आ सकता है। इससे भारतीय किसान दुनिया के सबसे बेहतरीन किसान बन सकते हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य में किसानों की भूमिका अहम
उपराष्ट्रपति ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में किसानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय आठ गुना बढ़ाने के लिए किसानों की भलाई जरूरी है। किसान दिवस की रजत जयंती पर उन्होंने आईसीएआर और कृषि विज्ञान केंद्रों से किसानों की जरूरतों को समझने और उनके लिए काम करने का आह्वान किया। धनखड़ ने पीएम किसान सम्मान निधि और उर्वरक सब्सिडी के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ रही है, लेकिन ये सब्सिडी स्थिर है। इसमें बदलाव की जरूरत है। उपराष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि इस सब्सिडी को सीधे किसानों के खातों में भेजने के तरीके तलाशने चाहिए।
राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करने का किया आह्वान
उपराष्ट्रपति ने देश की तरक्की में बाधा डालने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भारत की प्रगति से जलते हैं और विरोध करते हैं। ऐसे में हर भारतीय का फर्ज है कि वह राष्ट्रवाद के प्रति दृढ़ रहे। उन्होंने राष्ट्र पहले, मेरा देश पहले की भावना से काम करने की अपील की। धनखड़ ने ग्रामीण विकास और किसान उत्थान को देश की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का जल्द और सही समाधान होना चाहिए। उनका मानना है कि बातचीत ही लोकतंत्र में समस्याओं का हल है।