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Indian Army: सेना में शामिल हुआ मॉड्यूलर ब्रिज सिस्टम, डीआरडीओ ने किया है विकसित, जानिए क्या मिलेगा फायदा
Tue, 27 Feb 2024 12:25 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 27 Feb 2024 12:25 PM IST
सार
मॉड्यूलर ब्रिज को डिजाइन और विकसित डीआरडीओ ने लार्सन एंड टुब्रो के साथ मिलकर किया है। कार्यक्रम में भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज पांडे, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, सेना, डीआरडीओ और रक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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मॉड्यूलर ब्रिज
- फोटो : फेसबुक/डीआरडीओ
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विस्तार
भारतीय सेना में आज मॉड्यूलर ब्रिज को शामिल किया गया है। मॉड्यूलर ब्रिज के सेना में शामिल होने से सेना की इंजीनियर्स कॉर्प्स की क्षमताओं में काफी विस्तार होगा और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जगहों पर भी सेना और टैंकों को तैनात करना आसान हो जाएगा। नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में आयोजित हुए कार्यक्रम में आधिकारिक रूप से मॉड्यूलर ब्रिज को सेना में शामिल किया गया। मॉड्यूलर ब्रिज को डिजाइन और विकसित डीआरडीओ ने लार्सन एंड टुब्रो के साथ मिलकर किया है। कार्यक्रम में भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज पांडे, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, सेना, डीआरडीओ और रक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
सेना को मिलेंगे 41 मॉड्यूलर ब्रिज सेट
रक्षा मंत्रालय ने मॉड्यूलर ब्रिज के 2585 करोड़ रुपये के सौदे को बीते साल फरवरी में मंजूरी दी थी। इस सौदे के तहत मॉड्यूलर ब्रिज के 41 सेट बनाए जाने हैं। मॉड्यूलर ब्रिज से सेना की सीमा पर मूवमेंट में जबरदस्त इजाफा होगा। खासकर पश्चिमी सीमा पर चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति में मॉड्यूलर ब्रिज का काफी फायदा होगा। मॉड्यूलर ब्रिज के इस सौदे से रक्षा मामले में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
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मॉड्यूलर ब्रिज में एक 8x8 हैवी मॉबिलिटी वाहन, दो लॉन्चर वाहन शामिल है। मॉड्यूलर ब्रिज का हर सेट 46 मीटर लंबा मैकेनिकल ब्रिज बनाने में सक्षम है। ये मॉड्यूलर ब्रिज सेना के मैनुअली-लॉन्च मीडिया गिरडर ब्रिज की जगह लेंगे। मॉड्यूलर ब्रिज की मदद से कम समय में लंबा ब्रिज बनाया जा सकता है। ये मॉड्यूलर ब्रिज रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमताओं का सबूत है।
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#WATCH | Today, the Indian Army bolstered its bridging capability with the induction of the 46-meter Modular Bridge. Designed and developed by DRDO and produced by Larsen & Toubro (L&T), the bridging system was formally handed over in a ceremony at the Manekshaw Centre, New… pic.twitter.com/LIUsGu0KOW
— ANI (@ANI) February 27, 2024विज्ञापन
सेना को मिलेंगे 41 मॉड्यूलर ब्रिज सेट
रक्षा मंत्रालय ने मॉड्यूलर ब्रिज के 2585 करोड़ रुपये के सौदे को बीते साल फरवरी में मंजूरी दी थी। इस सौदे के तहत मॉड्यूलर ब्रिज के 41 सेट बनाए जाने हैं। मॉड्यूलर ब्रिज से सेना की सीमा पर मूवमेंट में जबरदस्त इजाफा होगा। खासकर पश्चिमी सीमा पर चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति में मॉड्यूलर ब्रिज का काफी फायदा होगा। मॉड्यूलर ब्रिज के इस सौदे से रक्षा मामले में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
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मॉड्यूलर ब्रिज में एक 8x8 हैवी मॉबिलिटी वाहन, दो लॉन्चर वाहन शामिल है। मॉड्यूलर ब्रिज का हर सेट 46 मीटर लंबा मैकेनिकल ब्रिज बनाने में सक्षम है। ये मॉड्यूलर ब्रिज सेना के मैनुअली-लॉन्च मीडिया गिरडर ब्रिज की जगह लेंगे। मॉड्यूलर ब्रिज की मदद से कम समय में लंबा ब्रिज बनाया जा सकता है। ये मॉड्यूलर ब्रिज रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमताओं का सबूत है।