सेनाध्यक्ष नरवणे बोले- सीमा पर तैनात जवान हमेशा बनाए रखते हैं शांति और एकता
- सेनाध्यक्ष नरवणे ने कहा कि भारतीय सीमा पर तैनात जवान हमेशा सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और एकता बनाए रखते हैं।
- सेनाध्यक्ष ने कहा कि हमारा सीमा सड़क संगठन कोविड-19 महामारी के दौरान भी बिना थके काम कर रहा है।
- जनरल नरवणे ने कहा कि पूर्वी लद्दाख और उत्तरी सिक्किम में हुई घटनाओं का कारण चीनी और भारतीय सैनिकों का आक्रामक व्यवहार है।
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भारतीय सेना के अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने गुरुवार को कहा कि भारतीय सैनिक चीन के साथ जुड़ी सीमा पर अपनी 'मुद्रा' बनाए हुए है, जबकि सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास जारी है। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कुछ दिनों पहले भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प की दो घटनाएं सामने आई हैं।
सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे का कहना है कि भारतीय सीमा पर तैनात जवान हमेशा सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और एकता बनाए रखते हैं। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हमारी उत्तरी सीमाओं के साथ अवसंरचना क्षमता विकास की पटरी पर हैं। हमारे बलों के पॉश्चर को कोविड-19 महामारी से नुकसान नहीं होगा।
सेनाध्यक्ष ने कहा, 'हमारा सीमा सड़क संगठन कोविड-19 महामारी के दौरान भी बिना थके काम कर रहा है ताकि दूर दराज के क्षेत्रों को जोड़ा जा सके। इससे उन क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों का एक-दूसरे से संपर्क बना रहे और क्षेत्र में तेजी से विकास की सुविधा पहुंचाई जा सके।'
Our Border Roads Organisation continues to work tirelessly even during #COVID pandemic to connect far flung areas so that our civil brethren living in those locations are connected and facilitate faster development to the region: Army Chief General Manoj Mukund Naravane https://t.co/poZM9J40Nj
— ANI (@ANI) May 14, 2020
जनरल नरवणे ने कहा कि पूर्वी लद्दाख और उत्तरी सिक्किम में हुई घटनाओं का कारण चीनी और भारतीय सैनिकों का आक्रामक व्यवहार है, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के जवानों को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने बातचीत के जरिए इस विवाद का निपटारा कर लिया था। उन्होंने एक बार फिर दोहराते हुए कहा कि ये दोनों घटनाएं न तो एक-दूसरे से संबंधित हैं और न ही इनका अन्य वैश्विक या स्थानीय गतिविधियों से कोई संबंध है।