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वायु सेना की ताकत बढ़ेगी: रूसी हेलिकॉप्टर बेड़े को इस्राइली टैंक रोधी मिसाइलों से किया जा रहा लैस, जानें सब कुछ
Sun, 24 Apr 2022 07:35 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 24 Apr 2022 07:35 PM IST
सार
रूसी हेलिकॉप्टर बेड़े एमआई-17वी5 में इस्राइली एनएलओएस लगाने से यह संघर्ष की स्थिति में काफी दूर से अपने लक्ष्य को निशाना बना पाएगी और आपात स्थिति में यह काफी असरदार साबित होगी।
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वायु सेना का हेलीकॉप्टर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में जिस पैमाने पर टैंक रोधी मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ है, उसे देखते हुए भारतीय वायु सेना अपने रूसी हेलिकॉप्टर बेड़े को इस्राइली एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एनएलओसएस) से लैस कर रहा है। यह मिसाइल 30 किलोमीटर की दूरी से अपने लक्ष्य को निशाना बना सकती है।
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सरकारी सूत्रों के मुताबिक रूसी हेलिकॉप्टर बेड़े एमआई-17वी5 में इस्राइली एनएलओएस लगाने से यह संघर्ष की स्थिति में काफी दूर से अपने लक्ष्य को निशाना बना पाएगी और आपात स्थिति में यह काफी असरदार साबित होगी। रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी रिपोर्ट में यह बताया गया है कि रूसी सेना के खिलाफ यूक्रेन के सैनिकों ने पश्चिमी यूरोपीय राष्ट्रों और अमेरिका द्वारा मुहैया कराई गई टैंक रोधी मिसाइलों का बड़े प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया है।
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दरअसल, भारतीय वायु सेना ने इन मिसाइलों में दिलचस्पी लेना दो साल पहले शुरू किया, जब पूर्वी लद्दाख में नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास चीन ने भारी संख्या में सैनिकों और टैंकों की तैनाती की थी। पहले टैंकों से युद्ध के लिए पश्चिमी सीमा अनुकूल मानी जाती थी, लेकिन अब यह पश्चिमी और पूर्वी सीमा दोनों में अहम भूमिका निभा सकती है। सूत्रों के मुताबिक सेना ने एनएलओएस टैंक रोधी मिसाइलों की सीमित संख्या के लिए ही ऑर्डर दिया है। बड़ी संख्या में इसकी कमी को ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से पूरी करने की तैयारी है।
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